अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते अन्ना पशुओं की दशा दयनीय

कुरारा-हमीरपुर। जिले के मुखिया व दो दिन पूर्व जिले में पधारे मंत्री द्वारा गौशालाओ का निरीक्षण करने के बाद सख्ती से आदेश जारी किया गया था कि सड़कों व हाइवे पर अन्ना जानवर विचरण करते हुए न मिले।

परंतु शायद ये आदेश जानवरो की समझ मे नही आया तभी तो कस्बे की गली मोहल्ले व हाइवे सहित कुरारा सीएचसी के डिलीवरी वार्ड के बाहर भी ये डेरा जमाए हुए है। अन्ना जानवरो को लेकर जहां प्रसाशन शख्त है। परंतु निचले अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते इन अन्ना मवेशियो की स्थिति दयनीय है।

हमीरपुर कालपी हाइवे पर जिले की सीमा ग्राम सरसई तक कोई भी ऐसा गांव नही है। जहां अन्ना गौवंश हाइवे पर विचरण करते हुए न मिले। ग्राम प्रधान हो या नगर पंचायत कही पर भी इन्हें समुचित साधन के साथ गौशालाओ में उचित भोजन नही मिल रहा है।

अधिकारियों के आने की सूचना पर इन्हें खदेड़कर गौशालाओ में बंद कर पीठ पर श्याबाशी ले ली जाती है। परंतु अधिकारियों के जाते ही इन्हें गौशालाओ से भगा दिया जाता है।

जिसके चलते अन्ना गौवंश अपनी किस्मत पर सिर्फ आंशू बहा पाते है। वही जिम्मेदार जानवरो के गौशालाओ के भारी भरकम बजट को खुद चटकर जाते है। जिले के आलाधिकारी हो या सरकार के मंत्री वो सिर्फ आदेश देकर अपना पल्ला झाड़ लेते है।

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