बरसात न होने से किसान परेशान

कुरारा-हमीरपुर। आषाढ़ माह बीत जाने के बाद क्षेत्र में बरसात न होने से किसान मायूस होकर आसमान की तरफ निहार रहा है। बरसात न होने से खरीफ की फसल की बुवाई नहीं हो पा रही है। वही धान की फसल की तैयारी कर रहे किसान भी रोपाई नही कर पा रहे हैं। किसान परेशान हैं।

सूखा के आसार नजर आने से किसान परेशान हैं। आषाढ़ मास में बरसात होने से किसान खेतो में तिल, मूंग, उर्द, बाजरा, ज्वार, सोयाबीन, अरहर आदि की खेती खरीफ की फसल में कर देते थे। लेकिन इस वर्ष पूरा आषाढ़ मास बीत जाने के बाद पर्याप्त बरसात न होने से किसी फसल की बुवाई नही हो पाई है। किसान इससे परेशान हैं।

नलकूप के सहारे धान की खेती करने वाले किसानों ने धान की पौध तैयार कर ली है। लेकिन बरसात न होने से खेती में पानी नही भर पा रहा है। इससे धान की रोपाई भी नही हो पा रही है। इससे पौध खराब हो रही है। खरीफ फसल से किसानों का रबी फसल के लिए खाद बीज का खर्च निकल जाता था।

लेकिन इस वर्ष मानसून के दगा दे जाने से किसान उदास दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के डामर गांव निवासी किसान खडग सिंह यादव, बद्री सिंह, कस्बा निवासी किसान देवेंद्र सिंह चैहान, धर्मेंद्र सिंह, विवेक पालीवाल आदि किसानों ने बताया कि मानसून की बरसात न होने से खरीफ फसलों की बुवाई का समय एक माह निकल गया है। खरीफ फसल 60 से 90 दिन की होती है। लेकिन अभी तक इनकी बुवाई नही हो पाई है।

पानी के अभाव के चलते किसान परेशान हैं। वही धान की रोपाई भी नही हो पा रही है। इसके चलते किसान परेशान हैं। तथा एक पखवारा से पुर वाई की ऊंची हवा दिन रात चलने से मानसून प्रभावित हो रहा है। कृषि पर आश्रित किसान बरसात न होने से परेशान दिखाई दे रहा है।

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