फीस न बढ़ने से मिली राहत

बांदा,संवाददाता। कोरोना संक्रमणकाल में सभी बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी न करने का आदेश खासा राहत भरा है। खास तौर पर मध्यवर्गीय परिवारों को इससे काफी हद तक राहत मिली है। अप्रैल के बाद जुलाई माह में होने वाले प्रवेश को लेकर प्रदेश सरकार के जारी आदेश से छात्र-छात्राओं समेत उनके अभिभावकों ने संतोष जताया है।

कोरोनाकाल में आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावक जिनके बच्चे फीस की अदायगी न कर पाने से आगे की पढ़ाई से वंचित रह गए थे, उन्होंने कोरोना संक्रमण काल के दौरान पूरी फीस माफ करने की भी आवाज उठाई है। परिवहन शुल्क भी न देने से उनके बच्चों को यह अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। इससे उनका काफी हद तक आर्थिक बोझ कम होगा।

जनपद में यूपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के ज्यादातर स्कूल कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में फीस भी प्रबंधकीय तंत्र के हिसाब से है। ऐसे में यह आदेश काफी हद तक राहत देने वाला है।शासन की ओर से निर्धारित गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा। किसी भी तरह की कोई भी फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। शासन का यह फैसला पूरी तरह से सही है।

विद्यालय प्रशासन इसका पूरी तरह पालन करेगा। प्रबंध तंत्र की बैठक कर पहले से ही यह तय कर लिया गया था कि कोरोना संक्रमण काल में अबकी फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। अभिभावक अपने पाल्यों का निर्धारित फीस पर ही प्रवेश करा सकते हैं। अब शासन के आदेश का अनुपालन किया जाएगा।

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