कल से अनुसंधान और शिक्षा में तीन दिवसीय उत्कृष्टता सम्मेलन
इंदौर। भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम इंदौर) द्वारा शुक्रवार से अनुसंधान और शिक्षा में उत्कृष्टता सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है। कार्यक्रम आनलाइन माध्यम से होगा। महामारी के बाद संस्थान का यह पहला सम्मेलन होगा।
महामारी के बाद जीवनशैली, व्यवसायों और प्रबंधन में कई बदलाव आए हैं। इसी पर केंद्रित तीन दिवसीय सम्मलेन किया जा रहा है । इसका विषय मैनेजमेंट मेटामारफोसिस- लिविंग विथ दी पैनडेमिक रहेगा।
आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने बताया कि इस वर्ष आइआइएम इंदौर अपने 25वां वर्ष पूर्ण कर रहा है। महामारी ने हमारे जीवन के हर पहलू पर प्रभाव डाला है। सम्मेलन से आने वाली चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने की सीख मिलेगी। इसमें पैनल डिस्कशन भी होगा।
कार्यक्रम में आइआइएम रायपुर के निदेशक प्रो. भरत भास्कर, आइआइएम तिरुचिरापल्ली के निदेशक प्रो. पवन कुमार सिंह, आइआइएम बैंगलुरु के निदेशक प्रो. ऋषिकेश टी. कृष्णन और आइआइएम रांची के निदेशक प्रो. शैलेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे।
पहले दिन तीन विषयाें पर कार्यशालाएं होंगी। इसमें उद्यमिता पर केस स्टडी, अनुसंधान और प्रकाशन पर बात होगी। अगले दिनों में महामारी से संबंधित विषयों पर पेपर प्रजेंटेशन और प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से चर्चा करने का मौका मिलेगा।





