एमपी :घर की कलह ने पूरा परिवार खत्म कर दिया,जाने क्या है पूरा मामला

दिल्लीः ग्वालियर के महाराजपुरा गांव में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक घर में शुक्रवार को पति, पत्नी और दो बच्चों की लाशें मिलीं. पति और 4 साल का बेटा फांसी के फंदे पर लटके हुए थे, तो वहीं पत्नी और बेटी जमीन पर मृत हालत में मिलीं. घटना की जानकारी मिलते ही महाराजपुरा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. प्रारंभिक तौर पर पुलिस इस घटना के पीछे पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी सहित अन्य एंगल पर जांच कर रही है. मौत की जांच के लिए पुलिस ने चारों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है.

दरअसल, महाराज पुरा गांव में शुक्रवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब यहां रहने वाले जितेंद्र वाल्मीकि शुक्रवार को घर से बाहर ही नहीं निकले. ये देख पड़ोसियों ने खिड़की से उनके घर के अंदर झांका. अंदर झांकते ही लोगों के होश उड़ गए. कमरे में जितेंद्र और उसका बेटा कुलदीप फांसी के फंदे पर लटके हुए थे. लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी. खबर मिलते ही महाराजपुरा पुलिस और डायल हंड्रेड की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस फसरों ने घर का दरवाजा खुलवाया तो उसमें 32 साल का जितेंद्र, उसकी पत्नी निर्जला, 4 साल का बेटा कुलदीप और डेढ़ साल की बेटी जानवी की लाशें थीं.

जितेंद्र की पत्नी निर्जला की लाश जमीन पर लेटी हुई हालत में थी. उसके मुंह से झाग निकल रहा था. डेढ़ साल की बेटी जानवी की लाश निर्जला के बगल में थी. उधर जितेंद्र और उसके 4 साल के बेटे कुलदीप की लाश साड़ी से बने फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी. मौके पर पहुंचे CSP रवि सिंह भदौरिया का कहना है कि संभवत गृह कलेश के चलते पूरा घटनाक्रम हुआ है. पुलिस को आशंका है कि गृह क्लेश के चलते निर्जला ने पहले अपनी बेटी का गला दबा दिया और जहर खा लिया, इसके बाद पूरा माजरा देख जितेंद्र ने बेटे कुलदीप को फांसी के फंदे पर लटका कर खुद भी फांसी लगा ली. वहीं दूसरी और भी आशंकाएं इस मामले में सामने आ रही हैं. एडिशनल एसपी अभिनव चौकसे का कहना है कि पीएम रिपोर्ट और परिवार वालों के बयानों के आधार पर मामले में तस्वीर साफ होगी.

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