लौह अयस्क की बढ़ती कीमतों से उद्योगपति परेशान

रायपुर : लौह अयस्क की बढ़ती कीमतों की वजह से प्रदेश के उद्योगों की हालत काफी खराब हो गई है। बताया जा रहा है कि एक जुलाई से स्टील कंपनियों ने माह भर के लिए उत्पादन 50 फीसद कम करने का फैसला किया है और इसके बाद भी हालत नहीं सुधरी तो और कम किया जा सकता है।

बीते छह महीनों में लौह अयस्क की कीमतों में 60 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। उद्योगपतियों का कहना है कि इस साल की शुरुआत में लौह अयस्क के दाम आठ से नौ हजार रुपये प्रति टन थे, जो अभी 14 हजार रुपये प्रति टन हो गए हैं।

महंगे लौह अयस्क समेत अन्य समस्याओं को लेकर पिछले दिनों में मिनी स्टील एसोसिएशन, स्पंज आयरन एसोसिएशन व री रोलिंग मिल एसोसिएशन की बैठक भी हुई थी। सभी उद्योगपतियों ने उत्पादन कम करने पर फैसला लिया था।

छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी ने बताया कि लौह अयस्क के बढ़ते दामों के साथ ही महंगी बिजली ने छोटी स्टील कंपनियों की हालत खराब कर दी है।

उन्होंने बताया कि लौह अयस्क की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ा कारण मांग और आपूर्ति में अंतर भी है। प्रदेश को हर महीने करीब आठ लाख टन लौह अयस्क की आवश्यकता होती है, लेकिन केवल तीन से चार टन लौह अयस्क ही मिल पाता है। साथ चीन भी काफी मात्रा में लौह अयस्क की सप्लाई होती है।
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