क्या है कालाजार का इंजेक्शन एंबिसोम

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से अभी देश लड़ ही रहा था कि अचानक बीच में म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस बीमारी ने हर किसी को परेशान कर दिया। कोरोना से ठीक हुए मरीजों में इसके लक्षण ज्यादातर देखे जा रहे हैं।

वहीं, इस बीमारी से लोगों को बचाने के लिए उनके इलाज में कालाजार का इंजेक्शन एंबिसोम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से इसकी मांग काफी बढ़ गई है। तो चलिए जानते हैं कि ये आखिर कैसे काम करता है और इसके साइड इफेक्ट क्या हैं।

ये कोई पहली बार नहीं जब एंबिसोम यानी Liposmal Amphotericin B इंजेक्शन का इस्तेमाल हो रहा है, बल्कि कालाजर के इलाज में इसका इस्तेमाल दशकों से हो रहा है। नेक्सस्टार फार्मास्यूटिक्लस ने इसे इजात किया था, और साल 1999 में गिलीड साइंसेज ने इसे खरीद लिया।

एंबिसोम एक एंटीफंगल दवा है, जो गंभीर फंगल इंफेक्शन के इलाज में भी इस्तेमाल होती है। इससे म्यूकरमाइकोसिस, एस्परजिलियॉसिस, ब्लास्टोमाइकोसिस, कैंडिडियासिस, क्रिप्टोकोकोसिस जैसे कई फंगल इंफेक्शन का इलाज होता है।

एंबिसोम के साइड इफेक्ट्स भी हैं। ऐसे में इसे गंभीर इंफेक्शन की स्थिति में या फिर ऐसे मरीजों को दिया जाता है जिनका इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर है। कई अध्ययन बताते हैं कि ज्यादातर को ये देने के बाद सिरदर्द, तेज बुखार आना, जी मिचलाना, सांस फूलने जैसे साइड इफेक्ट देखे जाते हैं।

आपको अगर इस ब्लैक फंगस से खुद को बचाना है तो इसके लिए आपको धूल वाली जगहों पर मास्क पहनकर रखना चाहिए, मिट्टी, काई या खाद जैसी चीजों के पास जाते समय जूते, ग्लव्स फूल स्लीव कमीज और ट्राउजर जरूर पहनें, खासतौर पर साफ-सफाई का ध्यान रखें और साथ ही डायबिटीज पर कंट्रोल, इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग ड्रग या स्टेरॉयड का कम से कम इस्तेमाल करके भी इससे बचा सकता है।

 

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