गया में पूर्व माओवादी की हत्या, जमीन के लालच में गई जान

बिहार के गया में पूर्व माओवादी रामविलास मांझी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। बदमाशों ने कई गोलियां मारने के बाद चेहरा कुचल दिया। रामविलास की लाश उसी जमीन पर मिली जिसे उसने जबरन हड़प लिया था। चौकिदार के द्वारा उसकी लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एफएसएल की टीम और खोजी कुत्ते की सहायता से कांड की जांच की जा रही है। घटना से इलाके में दहशत कायम हो गया है। एसएसपी आनंद कुमार ने घटना की पुष्टि की है। जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है।

वारदात वजीरगंज थाना क्षेत्र के हरि बीघा गांव की है। शुक्रवार की रात उसकी हत्या कर दी गयी। शनिवार को पुलिस को इसकी जानकारी मिली। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रामविलास मांझी जो वजीर गंज के दमरी बीघा का रहने वाला था, हरि बीघा के एक व्यक्ति की हत्या कर दी और उसके जमीन पर कब्जा कर लिया। उस जमीन पर खेती की जाती थी। उसी खेत में रामविलास की लाश पड़ी थी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रामविलास मांझी की हत्या से इलाके मे दहशत कायम हो गया है। उससे विरोधि सिंडिकेट का इतना खौफ है कि पुलिस लाश लेने नहीं गई बल्कि गांव के चौकीदार को भेजकर शव उठवाया गया। कई गोलियां मारने के बाद उसके चेहरे को कुचल दिया गया था।

गया एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है जिसे वजीरगंज एसडीपीओ लीड करेंगे। रामविलास इन दिनों अपना गिरोह चलाता था और लूटपाट करता था। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह पहले माओवादी गतिविधियों में संलिप्त था और हत्या, आर्म्स ऐक्ट के कई मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। यह भी इनपुट मिला है कि लूट के सामानों में हिस्सेदारी का विवाद चल रहा था। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

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