12वीं सैन्य वार्ता बेनतीजा
रायपुर । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख और मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि एलएसी पर हुई भारत-चीन की 12वीं सैन्य वार्ता पूर्व की भांति असफल एवं बेनतीजा सिद्ध हुई।
चीन अपने अड़ियल रवैये पर कायम है तथा चीन एलएसी से लगी हुई हजारों एकड़ भूमि से हटने तैयार नहीं है, जो चीन की बदनियति का स्पष्ट उदाहरण है।केंद्र की भाजपा सरकार का वार्ता का कार्यक्रम अभी तक असफल सिद्ध हुआ है।
केंद्र की भाजपा सरकार वार्ता का बहाना करते हुए देशवासियों को मुगालते में रख रही है, जो देशहित में नहीं है। रिजवी ने चीन के टालू पहलू पर कहा है कि देशवासियों का धैर्य टूट रहा है तथा वह आरपार की लड़ाई की पक्षधर है, क्योंकि चीन की अड़ियल वार्ता से केवल समय ही नष्ट हो रहा है।
आगे भी वार्ता से रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा है।देश की सेना का शौर्य एवं अत्याधुनिक हथियार अपनी क्षमता दिखाने आतुर है। प्रश्न अब उठता है कि क्या केन्द्र सरकार केवल पाकिस्तान जैसे कमजोर देश पर सर्जिकल स्ट्राइक करने तक ही सीमित है।
लातों का भूत चीन वार्ता से निर्णय होने नहीं देगा। भारत की सेना का शौर्य चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक अपनाकर हथियाई भूमि वापस लेने में सक्षम है।
भारतीय सेना का सब्र का बांध टूटने की कगार पर पहुंच चुका है तथा वह चीन के कब्जे से अपनी पावन धरती को मुक्त कराने हर तरह के सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सक्षम है। अब केवल सेना को इंतजार है केंद्र सरकार से यलगार के एलान का।