डिजिटल शिक्षा की ओर मजबूत पहल, डीयू की 524 छात्राओं को ‘सशक्त बेटी प्रोजेक्ट’ के तहत मिले लैपटॉप

दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली फाउंडेशन ने बीएसईएस के सहयोग से सशक्त बेटी प्रोजेक्ट की 524 लाभार्थी छात्राओं को लैपटॉप दिए गए। छात्राओं की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 2.35 करोड़ के लैपटॉप दिए गए हैं। डीयू में बृहस्पतिवार यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली फाउंडेशन ने समर्पण समारोह 2026 का आयोजन किया। इसके साथ ही सशक्त बेटी प्रोजेक्ट का दूसरा चरण भी लांच किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीयू कुलपति प्रो योगेश सिंह और बीएसईएस ग्रुप के सीईओ एवं निदेशक अमल सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में जिन लाभार्थी छात्राओं को लैपटॉप दिए गए हैं, उनमें अनाथ छात्राएं, एकल अभिभावक परिवार की छात्राएं शामिल हैं। (जिनके परिवार की वार्षिक आय चार लाख रुपये से कम है) इसके साथ ही इनमें डीयू के फैकल्टी, विभाग, सेंटर और कॉलेज की दृष्टिबाधित छात्राएं भी हैं। इस अवसर पर डीयू कुलपति प्रो योगेश सिंह ने लैपटॉप देने के लिए बीएसईएस का आभार जताते हुए कहा कि समर्पण का भाव उत्तरदायित्व की भावना लाता है।
देश की प्रत्येक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और कंपनियों को शैक्षणिक संस्थानों को शिक्षा में निवेश करना चाहिए, इस जैसा निवेश नहीं हो सकता। संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की सुविधाओं के लिए अब सरकारों के साथ-साथ समाज का सहयोग भी मिलने लगा है। प्रो सिंह ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनईपी में स्नातक का जो चौथा साल आया है, यह अगले 5 वर्षों में कॉलेजों के इको सिस्टम को बदलेगा। इसे उन्होंने बच्चों के हित में बताया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बीएसईएस के ग्रुप सीईओ एवं निदेशक अमल सिन्हा ने कहा कि शिक्षा में आज की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ही लैपटॉप देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि वह डीयू के पूर्व विद्यार्थी हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली फाउंडेशन के सीईओ प्रो अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सशक्त बेटी प्रोजेक्ट के तहत योग्य छात्राओं को लैपटॉप वितरित करना है, जिससे डिजिटल शिक्षण उपकरणों तक उनकी पहुंच मजबूत हो सके।





