विकसित भारत युवा संसद कार्यक्रम में बोले सीएम योगी- लोकतंत्र के तीनों स्तंभ साथ काम करते हैं

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि जब लोकतंत्र के तीनों स्तंभ (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) मिलकर काम करते हैं तो सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलती है। यहां विधान भवन में आयोजित राज्य स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद महोत्सव-2025 के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने लोकतंत्र की जिस विधा को अपनाया है वह संसदीय लोकतंत्र है। इसके तीन स्तंभ-विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हैं। इन तीन स्तंभों से ही देश की सारी व्यवस्था का संचालन होता है।

योगी ने कहा, ‘‘जब तीनों (स्तंभ) मिलकर काम करते हैं तो सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलती है। इसीलिए युवा संसद का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति आज से शुरू कर दे कि हमें तो नेता ही बनना है। नेता का मतलब जीवन के किसी भी क्षेत्र में नेतृत्व का गुण विकसित होना चाहिए। युवाओं को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘आप विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका के जरिये भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इन क्षेत्रों में लीक से अलग हटकर जब कुछ करते हैं तो वही प्रेरणादायी बन जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम लकीर का फकीर बनते हैं और अपने कार्य से मुंह चुराते हैं तो वही हमारे पराभव का कारण बनता है, जब हम लीक से हटकर कुछ नया करते हैं, कुछ अच्छा करने का प्रयास करते हैं तो वह समाज के लिए प्रेरणा बनता है। लोग उसे हाथों हाथ लेकर जब सम्मान देते हैं तभी नेतृत्व का बोध होता है। इसके पहले योगी ने युवा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘मैं सबसे पहले आप सभी का देश की सबसे बड़ी विधायिका में हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा, ‘‘भावी भारत में युवाओं की भूमिका के निर्धारण के लिए प्रधानमंत्री जी का प्रेरणादायी मार्गदर्शन मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखकर 2019 से युवा संसद के इस नये संकल्प को आगे बढ़ाने का कार्य प्रारंभ हुआ है।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आये 240 युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप सभी भाग्यशाली हैं कि इस गरिमामयी सदन में बैठने का आपको अवसर मिला। उन्होंने कहा, ‘‘यह देश का सौभाग्य है कि हमारे पास ऐसा नेतृत्व है जो देश के युवाओं की चिंता करता है। प्रधानमंत्री जी का नारा है-सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास। महाना ने कहा, ‘‘जब अधिकार और कर्तव्य मिलकर चलते हैं तब हम संविधान की अवधारणा को पूरा करते हैं। लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुना गया प्रतिनिधि जनता के लिए होता है और संविधान की पहली पंक्ति में कहा जाता है ‘हम भारत के लोग और हम भारत के लोग हैं। यह संविधान प्रत्येक भारतीय को अधिकार और कर्तव्य भी देता है।

विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘युवा राष्ट्र की मौलिक शक्ति होते हैं और यह कार्यक्रम युवाओं को विधानसभा और संसद की कार्यप्रणाली बताने के लिए एक मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत युवा संसद, केवल युवाओं का मंच नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, नीति निर्माण और अन्य सरोकारों में भागीदार बनाने का एक सशक्त प्रयास है। सदन को खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, नेहरू युवा केन्द्र के राज्य निदेशक महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने भी संबोधित किया। सिसोदिया ने बताया कि युवा संसद के प्रतिभागी 240 बच्चों में सर्वश्रेष्ठ तीन विजेताओं को दिल्ली में आयोजित होने वाली देश स्तरीय युवा संसद में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।

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