दिल्ली में रोहित की हत्या के बाद ‘हिंदू-मुस्लिम’ की वजह से बढ़ा बवाल, पढ़ें पूरी खबर…

दिल्ली के गाजीपुर में रोहित चावड़ा की हत्या के बाद जमकर बवाल हुआ। घटना से नाराज सैकड़ों लोगों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जाम कर दिया। एक घंटे से अधिक समय तक सड़क बंद रहने की वजह से हजारों वाहन जाम में फंसे रहे। पुलिस ने नसीम और तारिक नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 अन्य की तलाश जारी है। हत्याकांड में कुछ मुस्लिमों का नाम आने के बाद मामले को सांप्रदायिक रंग दे दिया गया, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। हालांकि, पुलिस ने घटना में सांप्रदायिक एंगल होने से इनकार किया है।
पूर्वी दिल्ली में गाजीपुर फूल मंडी के पास 32 साल के रोहित की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग वहां नशे का कारोबार करते थे, जिसका रोहित ने विरोध किया था और इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। यह फैलने के साथ ही लोगों का आक्रोश भड़क उठा। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए परिवार के सदस्य और अन्य लोग हाईवे की ओर बढ़ गए। एक्सप्रेसवे पर लोगों ने भारी जाम लगा दिया।
मृतक रोहित करीब 25, 26 साल से गाजीपुर गांव में अपने मामा रोहताश के परिवार के साथ रहता था। रोहित का परिवार बुलंदशहर के जमालपुर में रहता है। यहां मृतक रोहित का छोटा भाई दीपक साथ रहता है। मां और सबसे छोटा भाई सोहित गांव में ही रहते हैं। मृतक रोहित दिल्ली नगर निगम में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी करता था।
मौसी सुमित्रा ने बताया कि रोहित रात करीब 1.30 बजे स्कूटी से मामा के लड़के आकाश के साथ बाहर आया था। इसके बाद गोली लगने के बाद स्कूटी से ही अस्पताल लेकर गया। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नसीम और तारिक नाम के दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनके अलावा यामीन, कपिल और एक अन्य आरोपी फरार हैं।