क्या ओपी राजभर का मुमू को समर्थन का दावा असली? क्या है दावे का ‘सपा वाला’ पेच
दिल्लीः
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने भले ही ऐलान कर दिया हो कि उनकी पार्टी के सभी विधायक एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देंगे, मगर हकीकत में ऐसा ही होगा, यह कहना थोड़ा मुश्किल लग रहा है. ओम प्रकाश राजभर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से ऐलान किया है कि सुभासपा के 6 विधायक द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन देंगे, मगर उनके इस दावे पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं. इसकी वजह है कि ओम प्रकाश राजभर की पार्टी के 6 विधायकों में से 3 तो समाजवादी पार्टी के ही नेता हैं.
दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान एडजस्टमेंट के फॉर्मूले पर समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं को सुभासपा के टिकट पर चुनाव लड़ाया गया था. उस चुनाव के दौरान जीत दर्ज करने वाले 6 विधायकों में 3 सपा के खाते से सुभासपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे. इस तरह से कहने को तो भले ही ये सभी ओपी राजभर की पार्टी के ही विधायक कहे जाएंगे, मगर सपा के खाते से सुभासपा के विधायक बने ये तीन नेता राजभर की बात मानेंगे, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
हालांकि, ओपी राजभर का दावा कितना मजबूत है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनकी अपने सभी विधायकों पर पकड़ कितनी मजबूत है. क्योंकि अब जब राष्ट्रपति चुनाव में अखिलेश यादव से अलग मत रखते हुए ओम प्रकाश राजभर ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है, ऐसे में सपा के खाते के सुभासपा के तीनों विधायकों को राजभर की ही बात मानेंगे, ऐसा मुश्किल लग रहा है. हो सकता है कि पार्टी में सपा खाते से बने सुभासपा विधायकों की वजह से फूट न पड़ जाए. बता दें कि अखिलेश यादव ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान किया है.