ईमानदारी का मुनाफा

अमेरिका के एक किसान को जब लगा कि उसके नगर के दुकानदार लोभ के चक्कर में बहुत महंगा सामान बेचते हैं, तो उसने दुकानदारों से बात की। सबने कहा कि कम मुनाफा लेंगे तो घाटा होगा।

किसान ने अपनी ज़मीन बेचकर एक दुकान खोली और उसमें जरूरत का हर सामान रखा। उसने हर वस्तु का मूल्य लागत से केवल दो पैसे अधिक रखा और सामान बेचने लगा।

महीने भर में ही किसान को इतना लाभ हुआ कि उसे एक और दुकान खोलनी पड़ी। उसने सिद्ध कर दिया कि कम मुनाफा लेकर ग्राहक और दुकानदार दोनों खुश रह सकते हैं और बेईमानी से भी बचा जा सकता है।

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