हमीरपुर : मिसाल : बेसहारा के लिए सहारा बनी पुलिस

किया अंतिम संस्कार

भरुआ सुमेरपुर। बीमारी के चलते पुत्र की मौत से आहत एक बेवस मां ने पुलिस से गुहार लगाई. क्योंकि मां के पास पुत्र के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे.

पुलिस ने सह्रदयता दिखाते हुए कदम आगे बढ़ाये और इस बेसहारा का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद सुमेरपुर कस्बे के मोक्ष धाम में लाकर अंतिम संस्कार अपने हाथों से किया है.

पुलिस की इस कार्य की जमकर प्रशंसा हो रही है. कस्बे के चांद थोक निवासी कल्लू 50 वर्ष की सुबह बीमारी के चलते मौत हो गई.

कल्लू के अलावा घर में उसकी वृद्ध मां सुखदेई 85 वर्ष थी. मां के पास बेटे के अंतिम संस्कार के लिए कुछ भी नहीं था. उसने अपनी बेवसी की कहानी थाने पहुंचकर थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव को सुनाई.

एक मां की बेवसी देखकर थानाध्यक्ष का मन पसीज गया और उन्होंने सह्रदयता दिखाते हुए मां को उसके बेटे का अंतिम संस्कार कराने का भरोसा दिया.

पुलिस ने मृत कल्लू के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शाम के समय कस्बे के मोक्ष धाम में लाकर उसका हिंदू रीति रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया.

पुलिस के इस सराहनीय कार्य की कस्बे मे भूरि भूरि प्रशंसा हो रही है।

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