प्रधानों ने बीडीओ पर लगाए आर्थिक शोषण के आरोप, कार्रवाई न होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी

महोबा ब्यूरो,। विकास खंड चरखारी के खंड विकास अधिकारी विपिन गुप्ता एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। ग्राम प्रधानों ने उन पर आर्थिक शोषण, अभद्र व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही कार्रवाई न होने की स्थिति में सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी भी दी है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में एक तकनीकी सहायक (जेई मनरेगा) के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया, जिसके बाद एक दर्जन से अधिक ग्राम प्रधानों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। ग्राम प्रधान कुरौराडांग, बगरौन, फतेहपुर, इमिलियाडांग, स्वासामाफ, नरेड़ी, गुढ़ा सहित अन्य प्रधानों ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की है।
प्रधानों का आरोप है कि खंड विकास अधिकारी गांवों में पहुंचकर सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार करते हैं, विकास कार्यों में अनावश्यक आपत्तियां लगाकर मानसिक दबाव बनाते हैं तथा आर्थिक शोषण करते हैं। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो सभी प्रधान सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे।
बताया जाता है कि इससे पूर्व भी दो दर्जन प्रधानों ने चरखारी विधायक डॉ. ब्रजभूषण राजपूत के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक ने कर्मचारियों, प्रधानों और सचिवों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की नसीहत दी थी। हाल ही में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने भी ब्लॉक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कार्यशैली, परिसर में गंदगी, बजट संबंधी जानकारी न दे पाने तथा अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए थे।
वहीं, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विपिन गुप्ता का कहना है कि जिला स्तर से कार्य प्रगति की मांग की जाती है और प्रगति प्रस्तुत न करने पर उल्टा आरोप लगाए जा रहे हैं।
अब देखना यह है कि जिला स्तरीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।





