अर्चना चिटनिस की पहल रंग लाई: भोपाल-भुसावल के बीच नई ट्रेन का रास्ता साफ

बुराहनपुर क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अर्चना चिटनिस की पहल पर भोपाल से भुसावल के मध्य नई ट्रेन अथवा मेमू रेल सेवा प्रारंभ करने का अशासकीय संकल्प विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया है। अब यह प्रस्ताव भारत सरकार के रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा, जिससे बहुप्रतीक्षित रेल सुविधा को मूर्त रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठ गया है।
आम यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
सदन में प्रस्ताव रखते हुए चिटनिस ने कहा कि भोपाल और भुसावल के बीच लंबी दूरी की ट्रेनें तो संचालित हैं, लेकिन सामान्य श्रेणी के डिब्बों की कमी और बिना आरक्षण यात्रा की मजबूरी के कारण आम नागरिक, विद्यार्थी, मरीज और दैनिक यात्री भारी कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, खंडवा, टिमरनी, खिड़किया और इटारसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाली सुगम रेल सेवा समय की आवश्यकता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई सेवा शुरू करना अब अत्यंत प्रासंगिक हो गया है।
ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया
अर्चना चिटनिस ने सदन को बताया कि वर्ष 1975 से 1980 के बीच इस मार्ग पर ट्रेन संचालित होती थी, जिसे उस समय यात्रियों की कमी के कारण बंद कर दिया गया था। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, जिससे इस रूट पर नियमित रेल सेवा की मांग लगातार तेज हो रही है।
व्यावहारिक समाधान का सुझाव
उन्होंने व्यावहारिक विकल्प भी सुझाया। यदि नई ट्रेन स्वीकृत करना संभव न हो, तो वर्तमान में चल रही ट्रेन संख्या 11115/11116 को भोपाल तक विस्तारित किया जाए। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन इटारसी स्टेशन पर लगभग 17 घंटे तक खड़ी रहती है, जबकि उसी समय में वह भोपाल जाकर वापस लौट सकती है। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को सुविधाजनक समय-सारणी मिल सकेगी।
ग्रामीण अंचल और व्यापार को मिलेगा लाभ
प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि नई रेल सेवा से मार्ग के छोटे स्टेशनों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया। अंततः सदन ने सर्वसम्मति से संकल्प पारित कर केंद्र सरकार से नई रेल सेवा प्रारंभ करने का अनुरोध किया।





