विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने द्रौपदी मुर्मू के बारे में कही ये बात

दिल्लीः कई विपक्षी पार्टियों की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा है कि उनकी द्रौपदी मुर्मू से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा कि वे उन्हें अच्छी तरह जानते हैं और उन्हें अपनी शुभकामनाएँ देते हैं.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहल पर विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने के लिए दो बैठकें की. और आख़िरकार टीएमसी के उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा के नाम पर सहमति हुई.

लेकिन विपक्षी दलों की पहली पसंद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार थे, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया. फिर गोपालकृष्ण गांधी और फारूक़ अब्दुल्लाह के नाम पर भी चर्चा हुई.

इस बारे में यशवंत सिन्हा ने कहा- जीवन में बहुत बार मेरे साथ ऐसा हुआ है कि मैं दूसरी पसंद रहा हूँ. पहली पसंद नहीं रहा हूँ. लेकिन किसी परिस्थितिवश दूसरी पसंद होते हुए भी वो पद हमीं को मिला. और उसका पूरा उपयोग किया राष्ट्रहित में. इस बार दूसरा नहीं चौथा उम्मीदवार हूँ. तो हमारी जीत की संभावना भी डबल हो जाती है.

द्रौपदी मुर्मू के बारे में यशवंत सिन्हा ने कहा कि उनकी उनसे कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं. उन्होंने कहा- उनको मैं बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ. अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ. लेकिन ये लड़ाई है मुद्दों की. ये लड़ाई है भारत के संविधान को बचाने की.

बीजेपी की अगुआई में एनडीए ने मंगलवार शाम द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है. द्रौपदी मुर्मू ओडिशा की रहने वाली हैं और झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं.

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