लंबे समय बाद प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) पर भी BJP का का राज

दिल्लीः लंबे समय बाद प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) में मुलायम परिवार का वर्चस्व खत्म हो गया है। मंगलवार को हुए पीसीएफ के चुनाव में भाजपा पीसीएफ पर काबिज होने में सफल हो गई। बलिया के बाल्मीकि त्रिपाठी सभापति और गोरखपुर के रमाशंकर जायसवाल को निर्विरोध उपसभापति चुन लिया गया। इससे पहले फेडरेशन की 14 सदस्यीय कमेटी में से भाजपा के 11 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। अभी तक मुलायम के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव बेटे आदित्य यादव पिछले दस साल से पीसीएफ के सभापति थे।

पीसीएफ ही एकमात्र ऐसी संस्था थी, जिसका चुनाव बीजेपी सरकार के पहले कार्यकाल में नहीं हो सका था। सभापति और उप सभापति के चुनाव में किसी और दल के दखल की कोई उम्मीद पहले से नहीं थी। उत्तर प्रदेश सहकारिता चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका है जब समाजवादी पार्टी किसी भी शीर्ष संस्था पर काबिज नहीं हो सकी है। यूपी कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक, यूपी राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड, यूपी राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड के साथ अन्य शीर्ष सहकारी संस्थाओं पर बीजेपी का झंडा पहले ही फहरा चुका है।

पीसीएफ पर भी यादव परिवार का ही कब्जा रहा है। मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने परिवार के सदस्यों को सहकारी संघ और संस्थाओं में पदों पर बिठाया था। शिवपाल के बेटे आदित्य यादव ही पिछले 10 सालों से सभापति की गद्दी पर बैठे हुए थे। हालांकि इस बार उन्होंने प्रबंध समिति सदस्य के लिए ही नामांकन नहीं किया।

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