अफसोसनाक: 80 साल के बुजुर्ग ने की आत्महत्या

अहमदाबाद, गुजरात के अहमदाबाद में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बुजुर्ग को चार महीने पहले कोरोना वायरस हुआ था। वह पूरी तरह से ठीक थे लेकिन डर था कि कहीं उन्हें ब्लैक फंगस म्यूकर माइकोसिस न हो जाए।

पालड़ी पुलिस के मुताबिक नारायणनगर रोड स्थित अमन अपार्टमेंट में रहने वाले बुजुर्ग निरंजन पटेल ने 27 मई को जहर खा लिया था। वह फ्लैट की छत पर बेसुध मिले थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां इला के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस इंस्पेक्टर जेएम सोलंकी ने बताया कि निरंजन पटेल अपनी 78 वर्षीय पत्नी पुष्पा के साथ रहते थे। उनके दो बेटे हैं, भावेश मुंबई में और उत्सव अमेरिका में रहते हैं। निरंजन लगभग चार महीने पहले कोविड से संक्रमित हो गए थे। एक महीने पहले वह पूरी तरह से ठीक हो गए। वह डायबटिक थे और कोलेस्ट्रॉल की समस्या थी। उन्हें डर था कि कहीं अब वह ब्लैक फंगस के शिकार न हो जाएं।

निरंजन की आशंका तब और बढ़ गई जब उनके सिर पर कुछ सफेद धब्बे और फंगल इंफेक्शन पाया गया। बिना जांच के ही उन्होंने सोच लिया कि वह ब्लैक फंगस पीड़ित हो गए हैं। मामले के जांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल जगदीश चौधरी ने बताया कि पटेल की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस नोट में उन्होंने लिखा कि वह म्यूकर माइकोसिस होने के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।

ब्लैक फंगस, कोरोना महामारी के बीच सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक के रूप में उभरा है। नवीनतम उपलब्ध रेकॉर्ड के अनुसार, भारत में सबसे ज्यादा ब्लैक फंगस के केस गुजरात में ही हैं। यहां अब तक 2,800 ज्यादा केस मिले हैं। वहीं महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के कारण मौत के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं।

Back to top button