हमीरपुर : कस्बे का विद्या इंटर कॉलेज बना था अस्थाई जेल

भरुआ सुमेरपुर। कार सेवा के दौरान 1990 में सुमेरपुर कस्बे के श्री गायत्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज को अस्थाई जेल बनाकर सैकड़ों कारसेवकों को निरुद्ध किया गया था.

गायत्री तपोभूमि के सामने हाईवे किनारे संचालित श्री गायत्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज राम मंदिर आंदोलन का गवाह बन गया है.

1990 में मंदिर निर्माण के लिए शुरू की गई कार सेवा के दौरान जिला प्रशासन ने इस शिक्षण संस्थान को अस्थाई जेल के रूप में तब्दील करके जनपद से लाए कारसेवकों को यहां लाकर निरुद्ध किया गया था.

उस समय इस कालेज में 10 दिन तक कारसेवकों को बंद रखा गया था. बाद में सभी को रिहा कर हिदायत देकर बसों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया गया था.

सुमेरपुर कस्बे के निवासी भाजपा नेता कृष्ण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि उस समय बेहद सख्ती बरती जा रही थी.

पुलिस भाजपा, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं को चिन्हित करके घरों से उठा उठाकर जेल में ठूंस रही थी. सु

कस्बे के इस कॉलेज में पूरे जनपद से लगभग ढाई सौ लोगों को लाकर बंद किया गया था. 10 दिन के बाद सभी को हिदायत देकर यहां से रिहा किया गया था. इस तरह से कस्बे का यह शिक्षण संस्थान भी राम मंदिर आंदोलन का गवाह है।

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