प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 107 मामले आए सामने, मरीजों की संख्या हुई 2301

उत्तराखंड में अब दिल्ली-एनसीआर से लौटने वाले लोग कोरोना का बोझ बढ़ा रहे हैं। मैदान ही नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों से भी रोजाना ऐसे मामले मिल रहे हैं। शनिवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 107 मामले सामने आए हैं। जिसके बाद मरीजों की संख्या 2301 तक पहुंच गई है। हालांकि इनमें से 1450 स्वस्थ भी हो चुके हैं। जबकि 809 एक्टिव मरीज चिकित्सकों की निगरानी में अलग-अलग अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों में भर्ती हैं। वहीं, कोरोना संक्रमित 27 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इनमें हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना संक्रमित 66 वर्षीय महिला की मौत शनिवार को हुई। महिला अल्मोड़ा से रेफर हुई थी। वह मधुमेह व अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थी। इसके अलावा 15 मरीज ऐसे हैं, जो अब राज्य से बाहर जा चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को अलग-अलग लैब से 1678 सैंपलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 1571 की रिपोर्ट निगेटिव, जबकि 107 केस पॉजिटिव हैं। देहरादून में आइटीबीपी के तीन जवान सहित 17 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आए पांच हिमवीरों की कोरोना जांच कराई गई थी। जिनमें तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव, जबकि दो की निगेटिव आई है। टिहरी पर भी बीमारी का बोझ लगातार बढ़ रहा है। यहां 24 और लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी भी हैं। ऊधमसिंहनगर में दिल्ली, फरीदाबाद, मुंबई व नोएडा से लौटे 12 लोग संक्रमित मिले हैं। इसी तरह उत्तरकाशी में भी कोरोना के 15 नए मामले आए हैं।

ये दिल्ली, हरियाणा व नोएडा से लौटे लोग हैं। अल्मोड़ा में 11 और लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यह सभी दिल्ली-एनसीआर से आए हैं। जबकि चमोली में दिल्ली व गुरुग्राम से लौटे सात और व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। हरिद्वार में पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव है। बागेश्वर में दिल्ली, गुरुग्राम व गौतमबुद्धनगर से लौटे पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं नैनीताल में भी दिल्ली से लौटे पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

रुद्रप्रयाग में दिल्ली से लौटे चार लोग संक्रमित मिले हैं। पौड़ी में दो नए मामले हैं। ये लोग पूर्व में संक्रमित पाए गए मरीज के संपर्क में आए थे। इधर, शनिवार को 17 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। जिनमें चार देहरादून, तीन हरिद्वार व 10 ऊधमसिंहनगर से हैं।

एक दिन पहले पॉजिटिव, अब निगेटिव आई कर्मियों की रिपोर्ट

दून में एक दिन पहले जिन 17 स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, वह शनिवार शाम को निगेटिव आ गई है। इनमें सीएम के फिजीशियन कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट भी शामिल हैं। इस रिपोर्ट के बाद महकमे ने जहां राहत की सांस ली है, वहीं कई सवाल भी उठने लगे हैं। कोरोना को लेकर दो लैब की अलग-अलग रिपोर्ट ने नई दुविधा पैदा कर दी है। बहरहाल, सीएमओ डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि संबंधित स्वास्थ्य कर्मी अब एहतियात बरतकर अपनी ड्यूटी च्वाइन कर सकते हैं।

पंद्रह जून को कुल 33 स्वास्थ्य कर्मियों के सैंपल लिए गए थे। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित लैब में भेजा गया था। शुक्रवार रात इनमें सत्रह की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मच गया। विभाग की तरफ से शनिवार को दून मेडिकल कॉलेज की लैब में इनकी दोबारा जांच कराई गई। ताच्जुब ये कि सभी सैंपल की रिपोर्ट अब निगेटिव आई है। जिसे लेकर अब तमाम सवाल उठ रहे हैं। या तो चंडीगढ़ स्थित लैब से रिपोर्ट गलत आई या फिर पांच दिन में सभी स्वास्थ्य कर्मी रिकवर हो गए।

क्योंकि हर व्यक्ति में संक्रमण कम ज्यादा होता है और रिकवरी में भी अलग-अलग वक्त लगता है, इसलिए सभी का एकसाथ ठीक हो जाना भी संशय पैदा कर रहा है। यदि चंडीगढ़ स्थित लैब ने जांच या रिपोटिर्ंग के स्तर पर कोई चूक की है, तो यह मामला भी बड़ा है। कारण यह कि इस लैब में अब लगातार सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। यह भी संभव है कि अन्य मामलों में भी इस तरह की गड़बड़ी हुई हो। अगर हुई है तो संभव है कि कोई संक्रमित रिपोर्ट निगेटिव आने पर बाहर घूम रहा होगा और कोई स्वस्थ व्यक्ति अस्पताल में भर्ती।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला का कहना है कि हमारे स्वास्थ्य कर्मी पूरी ईमानदारी और एहतियात के साथ अपना काम कर रहे हैं। 17 लोगों के एकसाथ संक्रमित मिलने पर संशय भी था और चिंता भी। अब चिंता और संशय भी, दोनों दूर हो गए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह की स्थिति है जिला देहरादून से अब कोई सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ नहीं भेजे जाएंगे।

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