अब यूक्रेन पर युद्ध खत्म करने का दबाव बना रहे ट्रंप

चार साल से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कई कोशिश के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर कुछ नरम रुख अपनाते हुए ये जिम्मेदारी यूक्रेन पर ही डाल दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध में रूस ज्यादा ताकतवर दिखाई दे रहा है।
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करने के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन इस जंग में रूस से पीछे है। मॉस्को ने कई नए इलाके जीत लिए हैं। कीव अपनी स्थिति बनाए रखने में नाकाम हो रहा है। इसलिए यूक्रेन को खुद इस जंग को खत्म करने की इच्छा रखनी होगी।
क्या है ट्रंप का ताजा बयान
मॉस्को लगातार यूक्रेन के नए इलाकों पर कब्जे कर रहा है। इस पर ट्रंप ने कहा कि रूस एक बड़ी मशीन है जो बस आगे बढ़ती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि मॉस्को ने यूक्रेन में एक बड़े हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने यूक्रेन को दी जा रही आर्थिक मदद की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि इससे वाशिंगटन को क्या हासिल हुआ?
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की मुलाकात हो चुकी है। नॉर्वे के ओस्लो में हुई इस बातचीत में वाशिंगटन की कोशिश रूस के ताजा हमले रोकने की रही।
ट्रंप ने बताया क्यों नहीं बन रही दोनों देशों में बात
दरअसल अमेरिका इस जंग में काफी लंबे समय से यूक्रेन को आर्थिक सहायता के अलावा सैन्य उपकरणों की सप्लाई करके मदद कर रहा है। उन्होंने का कि इसके बदले में यूक्रेन ने हमें दुख, मौत और भारी आर्थिक नुकसान के अलावा कुछ भी नहीं हासिल होने दिया। उन्होंने जंग रोकने पर सहमति नहीं बन पाने की वजह पर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जेलेंस्की के बीच गहरी दुश्मनी है। इस वजह से ही उनकी नफरत एक टेबल पर आ कर बातचीत में बड़ी बाधा बन रही है। दोनों नेता एक दूसरे से काफी नफरत करते हैं।
ट्रंप रूस को लेकर क्यों अपना रहा नरम रुख
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग की वजह से अमेरिका में ईंधन की कीमतों में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में उन्होंने रूस से डीजल खरीद को हरी झंडी दे दी है। इससे दूसरे देश जो रूस से तेल और गैस खरीद रहे हैं उन्हें भी रियायत मिली है।
यूक्रेन पर युद्ध को लेकर रूस पर लंबे समय से काफी प्रतिबंध लगा था। अब अमेरिकी अपनी घरेलू महंगाई कम करने में मॉस्को से मदद ले रहा है। इधर, अगले महीने अमेरिका में मिड टर्म चुनाव है जिसमें ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है। इसलिए रूस के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप कई महीनों से इस जंग को खत्म करने की कोशिश में जुटे रहे। एक वक्त तो उन्होंने इसे एक साल के अंदर खत्म करने का भी दावा किया लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसलिए अब वो खुद किनारा कर इस जंग को खत्म करने की जिम्मेदारी यूक्रेन पर डाल दी है।





