कौन हैं मेजर नव्या शेखावत, जो साए की तरह रहेंगी राष्ट्रपति मुर्मु के साथ

राष्ट्रपति भवन में तैनात भारतीय सेना की युवा अधिकारी मेजर नव्या शेखावत ने तब सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की एड्स-डी-कैंप (ADC) नियुक्त होने वाली सेना की पहली महिला अधिकारी हैं।

इस नियुक्ति के साथ ही वे राष्ट्रपति की एडीसी का पद संभालने वाली दूसरी महिला अधिकारी बन गई हैं। उनसे पहले 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी यह पद संभाल चुकी हैं।

कौन होता है एडीसी?

राष्ट्रपति भवन में होने वाले आधिकारिक इवेंट्स में एडीसी उन मिलिट्री ऑफिसर्स में से होते हैं जो राष्ट्रपति के साथ जाते हैं और आधिकारिक कामों में मदद करते हैं। एडीसी एक मिलिट्री ऑफिसर होता है जिसे राष्ट्रपति के आधिकारिक कामों, जैसे कार्यक्रमों और औपचारिक समारोहों में उनकी मदद के लिए नियुक्त किया जाता है।

आमतौर पर राष्ट्रपति के पास पांच एडीसी होते हैं। तीन सेना से और एक-एक नौसेना और वायु सेना से। ये ऑफिसर तालमेल बिठाने, बातचीत करने और आधिकारिक प्रोटोकॉल से जुड़े कामों में भी मदद करते हैं। मेजर शेखावत अब उस टीम का हिस्सा हैं और यह पहली बार है जब भारतीय सेना की कोई महिला ऑफिसर प्रेसिडेंट की एडीसी बनी है।

कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?

मेजर नव्या शेखावत की आर्मी में एंट्री यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज परीक्षा से हुई। बाद में उन्हें शॉर्ट सर्विस कमीशन विमेन नॉन-टेक्निकल कोर्स के लिए चुना गया और चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में ट्रेनिंग दी गई। उनका नाम ऑफिशियल सीडीएस (I) 2020 OTA विमेंस मेरिट लिस्ट में भी है।

अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें आर्मी सर्विस कोर में कमीशन मिला, जो आर्मी के अंदर लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़ी एक ब्रांच है। उनके अपॉइंटमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें 2021 में कमीशन मिला और लगभग पांच साल में वह मेजर के रैंक तक पहुंच गईं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति को भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में एडीसी की जिम्मेदारी मिलना किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति होती है।

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