बटन दबाते ही लगेगा 380 वोल्ट का करंट! US में ICE एजेंट्स को मिलेंगे इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स

अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) अपने अधिकारियों और एजेंटों के लिए इलेक्ट्रिक शॉक देने वाले दस्तानों पर 2 करोड़ डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रहा है।

इस फैसले ने डेमोक्रेटिक सांसदों और नागरिक अधिकार संगठनों में तीखी आलोचना पैदा कर दी है। आलोचक चेतावनी दे रहे हैं कि प्रवासन प्रवर्तन के दौरान इन उपकरणों का दुरुपयोग हो सकता है और इससे आम लोगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाएगा।

क्या हैं इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स?

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने सोमवार को जारी नोटिस में बताया कि आईसीई होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस और एनफोर्समेंट रिमूवल ऑपरेशंस के अधिकारियों के लिए जनरेटेड लो आउटपुट वोल्टेज एमिटर यानी जीएलओवीई खरीदने जा रहा है। प्रस्तावित खर्च 1 करोड़ से 2 करोड़ डॉलर के बीच है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये दस्ताने 380 वोल्ट तक बिजली पहुंचा सकते हैं और व्यक्ति की प्रतिक्रिया देने की क्षमता को बाधित करने के लिए बनाए गए हैं। डीएचएस ने कंडक्टिव डिस्ट्रैक्शन एंड डी-एस्केलेशन डिवाइस बताता है। दिखने में सामान्य पेट्रोल दस्तानों जैसे लगते हैं, लेकिन अधिकारी बटन दबाकर इलेक्ट्रिक मोड सक्रिय कर सकता है।

एपी न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन्हें सीधे व्यक्ति की त्वचा पर लगाना पड़ता है। इनका उद्देश्य दर्द पहुंचाकर विरोध करने वाले व्यक्ति से अनुपालन हासिल करना है। टैसर के विपरीत, ये जलने या संपर्क के निशान नहीं छोड़ते।

नेताओं ने दी तीखी प्रतिक्रिया

इस योजना पर अधिकार समूहों ने तुरंत आपत्ति जताई। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) ने कहा कि इमिग्रेशन एजेंटों को भयानक दर्द पहुंचाने का छिपा हुआ साधन देना जनता को अधिक नुकसान और कम जवाबदेही का नुस्खा है।

न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने बुधवार को एपी से कहा कि हम स्तब्ध हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके राज्य में अगर आईसीई अधिकारी इन दस्तानों का दुरुपयोग करते हैं तो उन्हें आपराधिक और नागरिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

डीएचएस ने किया उपकरण का बचाव

डीएचएस ने स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि आईसीई ने इन दस्तानों को क्यों चुना, लेकिन अपनी व्यापक उपकरण नीति का बचाव किया। विभाग ने कहा कि आईसीई लगातार मैदान में अपने अधिकारियों की जरूरतों का आकलन करता है ताकि वे आपराधिक अवैध प्रवासियों को सुरक्षित रूप से गिरफ्तार कर देश से निकाल सकें।

हर फैसला सावधानीपूर्वक विचार और समीक्षा के बाद लिया जाता है, ताकि कोई भी तकनीक लागू कानून प्रवर्तन नीतियों और मानकों के अनुरूप हो।

पुराने मामले से जुड़े गंभीर आरोप

चिंताएं पिछले आरोपों पर भी केंद्रित हैं। एक लंबित मुकदमे में आरोप है कि 2024 में केंटकी के रिचमंड जेल में 43 वर्षीय व्यक्ति की मौत इन दस्तानों से 27 बार और टैसर से 13 बार बिजली झटके दिए जाने के बाद हुई।

आंतरिक जांच में पाया गया कि दस्तानों के दो झटके 45 और 99 सेकंड तक चले, जो निर्माता की अनुशंसित 15 सेकंड की सीमा से कहीं अधिक थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि इन कार्रवाइयों ने न सिर्फ अनावश्यक दर्द पहुंचाया बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा भी बढ़ाया।

पूर्व आईसीई एक्टिंग डायरेक्टर जॉन सैंडवेग ने दुरुपयोग की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि इसका दुरुपयोग बहुत आसानी से हो सकता है, खासकर उस आबादी के खिलाफ जो कोई खतरा नहीं पेश करती।

निर्माता ने इस्तेमाल के लिए दी चेतावनी

निर्माता बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से विकलांग लोगों पर इन उपकरणों के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी देता है। मैनुअल में मौखिक अवज्ञा, सजा, यातना या मजाक के लिए इस्तेमाल पर भी रोक है।

आईसीई का कहना है कि उसके अधिकारियों को डी-एस्केलेशन और बल प्रयोग का निरंतर प्रशिक्षण दिया जाता है। डीएचएस नोटिस के अनुसार, प्रस्तावित बिना बोली वाला अनुबंध शुक्रवार तक जारी हो सकता है और 31 मार्च 2027 तक चलेगा।

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