इन 5 ‘पांडवों’ ने मचाया तांडव, तब जाकर खिताब बचा पाई RCB

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस को मात देकर आईपीएल-2026 का खिताब अपने नाम किया। इसी के साथ आरसीबी लीग के इतिहास की तीसरी टीम बन गई है जिसने लगातार दूसरी बार खिताब जीता है।
क्रिकेट में जब कोई टीम खिताब जीतती है तो किसी एक खिलाड़ी के दम पर नहीं जीतती है। इसके लिए पूरी टीम का समर्थन चाहिए होता है। हालांकि, कुछ खिलाड़ी होते हैं जो अपने प्रदर्शन से जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। हम आपको इस सीजन आरसीबी की जीत के ऐसे ही पांच हीरो के बारे में बताने जा रहे हैं।
आरसीबी की जीत के अहम किरदार
विराट कोहली
आईपीएल की शुरुआत से ही विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने इस टीम की कप्तानी भी की, लेकिन बतौर कप्तान खिताब नहीं दिला पाए थे। पिछले साल इस टीम का खिताबी सूखा खत्म हुआ और इस सीजन भी आरसीबी ने कमाल किया। पिछले साल भी कोहली का बल्ला चला था और इस सीजन भी कोहली ने बल्ले से टीम को जीत दिलाने में अहम रोल निभाया
गुजरात के खिलाफ फाइनल में विराट कोहली ने 42 गेंदों पर 75 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने नौ चौके और तीन छक्के लगाए। इस सीजन कोहली आरसीबी के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए जिसमें पांच अर्धशतक और एक शतक शामिल रहा। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा है और औसत 56.25 का।
रजत पाटीदार
आरसीबी की जीत में कप्तान रजत पाटीदार के योगदान को कोई नहीं नकार सकता। उन्होंने बल्ले से तो दमदार खेल दिखाया ही। साथ ही अपनी कप्तानी से भी टीम को आगे ही रखा। मैदान पर उनकी रणनीति का ही नतीजा रहा कि आरसीबी खिताब बचाने में सफल रही। जहां तक उनके प्रदर्शन की बात है तो वह इस सीजन अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे। रजत ने 15 मैचों में 501 रन बनाए। इस सीजन उनके बल्ले से पांच अर्धशतक निकले। रजत का स्ट्राइक रेट इस सीजन 192.69 का रहा।
भुवनेश्वर कुमार
अपनी स्विंग के लिए मशहूर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने इस सीजन अपनी पुरानी क्लास दिखाई। पावरप्ले में उन्होंने दूसरी टीम के बल्लेबाजों का पिच पर टिकना मुश्किल कर दिया। वह इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहे और एक विकेट से पर्पल कैप लेने से चूक गए। भुवनेश्वर ने इस सीजन 16 मैचों में 28 विकेट अपने नाम किए। फाइनल में भी उन्होंने दो विकेट लेकर गुजरात को बड़ा स्कोर करने से रोक दिया।
क्रुणाल पांड्या
ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या के योगदान को भी नकारा नहीं जा सकता। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से उन्होंने कमाल किया। जब टीम को जरूरत थी तब उनका बल्ला चला और गेंदबाजी में भी उन्होंने अहम समय पर विकेट दिलाए। 16 मैचों में उनके बल्ले से 226 रन निकले जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। ये अर्धशतक उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ लगाया था। इसके अलावा सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आखिरी लीग मैच में उनकी नाबाद 41 रनों की पारी और पहले क्वालिफायर में गुजरात के खिलाफ 43 रनों की पारी इस सीजन बेहद अहम रही। जहां तक गेंदबाजी की बात है तो पांड्या ने इस सीजन 16 मैचों में 14 विकेट लिए हैं।
रासिख डार
भुवनेश्वर और जोश हेजलवुड जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाजों के रहते अगर कोई युवा गेंदबाज अपनी छाप छोड़ जाए तो ये बड़ी बात होती है। आरसीबी के रासिख सलाम डार ने कुछ ऐसा ही किया है। उन्होंने अपनी गेंदबाजी से फाइनल में कमाल किया और चार ओवरों में 27 रन देकर तीन विकेट चटकाए। पूरे सीजन में उन्होंने 12 मैच खेले और 19 विकेट लिए।





