धूप-छांव का मेल तो नहीं बिगाड़ रहा आपका पाचन? 

गर्मी और उमस भरा मौसम कीटाणुओं और सूक्ष्म जीवों के पनपने के लिए एकदम सही माहौल बनाता है। जब गर्मी के साथ नमी मिलती है, तो बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ते हैं और वायरस भी पहले से कहीं ज्यादा समय तक जिंदा रहते हैं।

इस वजह से हमारे खाने और पीने के पानी के दूषित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा के डॉ. सौरादीप चौधरी के मुताबिक यही मुख्य कारण है कि ऐसे मौसम में पाचन और पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलने लगती हैं।

खाने और पानी पर मौसम का असर
तापमान में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर हमारे भोजन की सुरक्षा पर पड़ता है। जल्दी खराब होने वाली चीजें जैसे- बाहर मिलने वाला स्ट्रीट फूड, डेयरी प्रोडक्ट्स और पहले से पका हुआ भोजन, गर्मी और उमस में बहुत जल्दी सड़ने लगते हैं। ऐसा दूषित खाना खाने से गैस्ट्रोएंटेराइटिस की समस्या हो सकती है, जिससे उल्टी और दस्त जैसी गंभीर परेशानियां शुरू हो जाती हैं।

इसके साथ ही, बारिश के समय पीने के पानी के स्रोत भी असुरक्षित हो जाते हैं। सीवेज के पानी का मिल जाना, पाइपलाइन का लीक होना या पानी को गलत तरीके से स्टोर करना इसके मुख्य कारण हैं। गंदा पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

कमजोर इम्युनिटी और हमारी आदतें
शरीर में पानी की कमी और गर्मी की थकान हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है, जिससे संक्रमण शरीर पर आसानी से हावी हो जाता है। इसके अलावा, हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें इस खतरे को और भी बढ़ा देती हैं। बाहर का खाना, समय पर भोजन न करना, सफर करना और खुले में रखे हुए कटे फल या ड्रिंक्स का सेवन करना बीमारियों को सीधा न्योता देने जैसा है।

बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स
इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए साफ-सफाई और खानपान पर विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है:

साफ पानी पिएं: हमेशा साफ, उबला हुआ या अच्छे से फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। बाहर मिलने वाले ड्रिंक्स और बर्फ के इस्तेमाल से पूरी तरह बचें।
ताजा खाना खाएं: हमेशा घर का बना, ताजा और गर्म भोजन करें। बासी या बार-बार गर्म किया हुआ खाना खाने से बचें।
हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी न होने दें। पानी के अलावा ओआरएस और नारियल पानी जैसी चीजें पीते रहें।
दही और छाछ का सेवन: अपने पाचन और पेट को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में प्रोबायोटिक्स जैसे- दही और छाछ को जरूर शामिल करें।
साफ-सफाई: हाथों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। अगर बीमारी का कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यह मौसम गर्मी और उमस का एक ऐसा खतरनाक मिश्रण लेकर आता है, जो हमारे भोजन और पानी की शुद्धता को बिगाड़ देता है, लेकिन थोड़ी-सी जागरूकता और इन आसान सावधानियों को अपनाकर हम संक्रमण से बच सकते हैं और खुद को पूरी तरह स्वस्थ रख सकते हैं।

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