“वन्दे मातरम् – स्वर्णिम भारत” विषय पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ब्रह्माकुमारीज महोबा द्वारा मनाया गया।

महोबा – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ महोबा द्वारा जिला जेल के प्रांगण में विशेष महिलाओं को जागरूक किया गया। जिसमें बीके सुदामा बहन ने वन्दे मातरम् – का अर्थ समझाते हुए कहा कि महिलाएं शक्ति , संस्कार ओर राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभातीं हैं। आज तक हम यही कहते या सुनते आए हैं कि नारी नर्क का द्वार है लेकिन परमपिता परमात्मा ने नारीशक्ति को मजबूत बनाया। और वह इस कार्य को नारीशक्ति द्वारा बखूबी करा रहे है।

आध्यात्मिक भाषा में यही कहा जाता है कि नारी ही स्वर्ग के द्वार खोलने के निमित्त बनती है। कहा भी जाता हैं – नारी जब जग जाएगी , स्वर्ग धरा पर लाएगी। परमपिता शिव परमात्मा नारीशक्ति एवं शिवशक्तियों द्वारा इस पतित , भ्रष्टाचारी दुनिया को पावन श्रेष्टाचारी दुनिया का शुभकार्य करा रहे हैं। बहुत ही जल्दी यही सृष्टि सतयुग के रूप में परिवर्तन होगी। जिसमें हर नारी दिव्य गुणों से सुशोभित एक लक्ष्मी के रूप अपने जीवनकाल को जीएगी।





