चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रडार पर क्यों आए 2 टॉप अधिकारी?

चीन ने अपनी सेना के शीर्ष जनरल झांग यूक्सिया और लियू झेनली के खिलाफ गंभीर जांच के आदेश दिए हैं। इन पर अनुशासन और कानून के उल्लंघन का आरोप है। यह कार्रवाई चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चल रहे सेना के शुद्धिकरण अभियान का हिस्सा है। 2012 से अब तक 2 लाख से अधिक अधिकारियों को सजा मिल चुकी है, जो वफादारी साबित करने में विफल रहे हैं।

चीन ने अपनी ही सेना के टॉप जनरल के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया है। दोनों अफसर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की रडार पर हैं।

चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के सर्वोच्च उपाध्यक्ष जनरल झांग यूक्सिया समेत 2 अफसरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। दोनों पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगा है।

रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी
चीनी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लियू झेनली और लियू झेनली राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व वाली शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के सर्वोच्च उपाध्यक्ष हैं। दोनों चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के जांच के दायरे में आ गए हैं। चीनी सरकार ने झांग और लियू पर लगे आरोपों का खुलासा नहीं किया है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा-
सीपीसी केंद्रीय समिति के विचार-विमर्श के बाद झांग यूक्सिया और लियू झेनली के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

शुद्धिकरण अभियान
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपनी सेना में शुद्धिकरण अभियान (Anti-Corruption Purge) चलाया है। वहीं, दोनों अधिकारी शी चिनफिंग को अपनी वफादारी साबित करने नाकाम रहे हैं।

2 लाख से ज्यादा अधिकारियों को मिली सजा
हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब चीन इस तरह का अभियान चला रहा है। इससे पहले भीकई बार चीन में समय-समय पर ये अभियान चलाया जाता रहा है। 2012 में शी चिनफिंग के सत्ता में आने के बाद से अब तक 2 लाख से ज्यादा अधिकारियों को सजा मिल चुकी है।

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker