इजरायल ने तीन दिन में 600 लोगों की ली जान, गाजा में फिर भारी मची तबाही

गाजा पट्टी में इजरायली सेना के ताजा सैन्य अभियान ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। पिछले तीन दिनों में इजरायल के हवाई और जमीनी हमलों में लगभग 600 लोगों की जान चली गई है। इजरायली सेना ने गाजा के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में एक साथ आक्रमण शुरू किया है, जिसके बाद इलाके में स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। इजराइल की सेना का कहना है कि दक्षिणी गाजा के राफा पर जमीनी आक्रमण चल रहा है और सैनिक बेत लाहिया शहर और मध्य क्षेत्रों के पास उत्तर की ओर बढ़ रहे हैं। यह हमला जनवरी 2025 में शुरू हुए संघर्षविराम के टूटने के बाद हुआ, जिसने क्षेत्र में दो महीने की सापेक्ष शांति को समाप्त कर दिया।
मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को शुरू हुए इस हमले में अब तक सैकड़ों लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं। मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार की रात शुरू हुई बमबारी में 400 से अधिक लोग मारे गए थे, और उसके बाद से मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इजरायली सेना ने दावा किया है कि ये हमले हमास के आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलों में आम नागरिकों के घर और बस्तियां भी तबाह हो गई हैं।
गाजा शहर के अल-अहली अस्पताल में मृतकों के शवों को ढेर में रखा गया है, जहां परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में जुटे हैं। एक स्थानीय निवासी, इब्राहिम दीब ने बताया, “हमें नहीं पता था कि युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा। मेरे 35 परिवार वालों की एक हमले में मौत हो गई।” हमास ने इन हमलों को “संघर्षविराम समझौते को उलटने” का प्रयास करार दिया है और चेतावनी दी है कि इससे गाजा में बंधकों की जान खतरे में पड़ सकती है।
इजरायली सेना का जमीनी अभियान
हवाई हमलों के साथ-साथ, इजरायली सेना ने गाजा के दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में जमीनी सैनिकों को तैनात किया है। इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि यह अभियान “गाजा में आतंकी संगठनों के खिलाफ मजबूत आक्रामक कार्रवाई” का हिस्सा है। सेना ने कई इलाकों से नागरिकों को तुरंत खाली करने का आदेश दिया है, जिसके चलते हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। जबालिया और खान यूनिस जैसे इलाकों में भारी बमबारी की खबरें हैं, जहां लोग अपने सामान के साथ सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकल पड़े हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इन हमलों की वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा हुई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने इसे “चिंताजनक” बताया और कहा कि गाजा में मानवीय सहायता की पहुंच अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुनिश्चित की जानी चाहिए। कतर और मिस्र संघर्षविराम के मध्यस्थ थे, उन्होंने भी इजरायल पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “यह केवल शुरुआत है। हमास ने हमें कोई विकल्प नहीं छोड़ा।” उन्होंने दावा किया कि हमास ने बंधकों को रिहा करने के लिए अमेरिकी मध्यस्थों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
हमास की स्थिति
हमास के वरिष्ठ अधिकारी सुहैल अल-हिंदी ने कहा कि उनकी ओर से अभी तक कोई प्रत्यक्ष जवाबी हमला नहीं किया गया है, लेकिन वे इसका जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। उन्होंने अमेरिका से इस “आक्रामकता को तुरंत रोकने” के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। हमास का कहना है कि वह संघर्षविराम को बहाल करना चाहता है, लेकिन इजरायल की शर्तें अस्वीकार्य हैं।
बंधकों का मुद्दा
इजरायल का कहना है कि गाजा में अभी भी 24 जीवित बंधक और 35 मृत बंधकों के शव हमास के पास हैं। हमलों के बाद, इजरायल में बंधकों के परिवारों ने यरुशलम में प्रदर्शन किया और सरकार पर आरोप लगाया कि वह बंधकों की जान को खतरे में डाल रही है। एक बंधक की मां, एनाव त्सांगोकर ने कहा, “नेतन्याहू ने हमारे बंधकों को मारने का फैसला किया है।”
आगे की राह
फिलहाल, गाजा में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राहत संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे, तो मानवीय संकट और गहरा सकता है। पिछले 15 महीनों से चल रहे इस संघर्ष ने गाजा को खंडहर में तब्दील कर दिया है, और अब फिर से शुरू हुई हिंसा ने शांति की उम्मीदों को धूमिल कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या मध्यस्थ इस संकट को रोकने के लिए कोई नया समझौता कर पाएंगे।