राजधानी में निकला 19वीं रमजान का जुलूस, 80 सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से निगरानी

लखनऊ, राजधानी लखनऊ में 19वीं रमजान को ग्लीम (कंबल का ताबूत) जुलूस निकाला गया। तड़के निकले इस जुलूस में हजारों की संख्या में शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहनकर शामिल हुए। 4 किमी लंबे जुलूस में सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मौजूद रही। ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। सआदतगंज स्थित कूफा मस्जिद में पहले मजलिस हुई उसके बाद नमाज अदा की गई। यहां से जुलूस उठकर टूरियावांज, सरकटा नाला, बिल्लौचपुरा होते हुए चौक स्थित पाटा नाला इमामबाड़ा तकि जैदी पहुंचा।

19वीं रमजान को हजरत अली पर तलवार से हमला हुआ था। उसी घटना को याद करते हुए बड़ी संख्या में अकीदतमंद ताबूत के जुलूस में शामिल होते हैं। जुलूस में हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। जुलूस में हर व्यक्ति ताबूत को एक नजर देखना चाहता और उसे छूने के लिए संघर्ष करता हुआ नजर आया। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि 19वीं रमजान के जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।

12 कंपनी पीएसी, 1000 सिपाही, पुलिस मुख्यालय से 50 गजटेड अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 90 स्थान पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है जहां छत के ऊपर से जवान जुलूस की निगरानी कर रहे हैं। 80 स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही ड्रोन कैमरा से पूरे जुलूस की निगरानी की जा रही है। एटीएस और आरआरएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं। सिविल डिफेंस और समाजसेवी संगठनों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

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