सफला एकादशी का इस तरह करें व्रत, जानिए सरल पूजाविधि

हिंदू धर्म में प्रत्येक माह को आने वाली एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन जगत के पालनहार विष्णुजी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी के दिन व्रत और पूजन से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साधक को सभी दुख-कष्टों और पापों से मुक्ति मिलती है। पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। दृक पंचांग के अनुसार, 26 दिसंबर को सफला एकादशी व्रत रखा जाएगा।

मान्यताओं के अनुसार,हर कार्य को सफल बनाने के लिए सफला एकादशी व्रत रखा जाता है। कहा जाता है इस दिन श्रद्धापूर्वक विष्णुजी की पूजा करने और व्रत रखने से 5000 वर्ष के तप करने से अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं सफला एकादशी के दिन विष्णुजी की पूजा कैसे करें?

सफला एकादशी 2024 :कैसे करें विष्णुजी की पूजा?

सफला एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठें।

स्नानादि के बाद स्वच्छ कपड़े धारण करें।

विष्णुजी का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।

अब विधिविधान से भगवान विष्णुजी और मां लक्ष्मी की पूजा करें।

एक छोटी चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं और लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा स्थापित करें।

विष्णुजी और मां लक्ष्मी को फल,फूल, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

विष्णुजी को तुलसी दलऔर पंचामतृत का भोग लगाएं और उनके समक्ष घी का दीप जलाएं।

विष्णु सहस्त्रनाम और एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। विष्णुजी के बीज मंत्रों का जाप करें।

अंत में विष्णुजी की आरती उतारें और सभी देवी-देवताओं की भी आरती उतारें।

पूजा के दौरान जाने-अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमाप्रार्थना मांगे और पूजा समाप्त करें।

अगले दिन द्वादशी तिथि में पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण करें।

मंत्र : सफला एकादशी के दिन विष्णुजी को प्रसन्न करने के लिए कुछ सरल मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

1. ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय

2. ऊँ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः

3.ऊँ नमो नारायणाय

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