बिहार: बालू के अवैध खनन और ढुलाई से लग रहा जाम, नीतीश सरकार करेगी कार्रवाई

प्रदेश के सात जिलों की नदियों से अवैध खनन और बालू की ढुलाई का अवैध काम तेजी से बढ़ रहा है। बालू ढोने की वजह से इन जिलों में जाम की समस्या भी बढ़ी है। बढ़ती समस्या को देखते हुए सरकार ने अब इससे सख्ती से निपटने का निर्णय लिया है।

सोमवार को मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने इस मुद्दे को लेकर संबंधित सात जिलों के खनन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की वस्तु स्थिति का आकलन किया और निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन के सहयोग से रणनीति बनाकर बालू के अवैध खनन और इसकी ढुलाई पर रोक लगाई जाए।

इन जिलों में जाम की समस्या

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से संबंधित जिलों का ब्योरा मांगा। उन्हें जानकारी दी गई कि अवैध बालू की ढुलाई की वजह से पटना के अलावा भोजपुर, सारण, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद और रोहतास में आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न होती है। साथ ही नदियों से अवैध बालू खनन होने की वजह से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ता है।

पुलिस टीम गठित करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा यह गंभीर समस्या है और इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने बैठक में मौजूद आरएस भट्टी को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर से जिलों में पुलिस की टीम गठित करें ताकि अवैध बालू का खनन करने और इसकी ढुलाई करने वालों पर नकेल लगाई जा सके।

हाल के दिनों में बालू के अवैध खनन और इसे रोकने के लिए की गई कार्रवाई के विरोध में माफियाओं की बढ़ती गतिविधियों पर भी मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई और कहा राज्य में इस प्रकार का अवैध कार्य करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले रणनीति बनाकर दो दिन के अंदर बालू माफिया के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ करें और अपनी रिपोर्ट से राज्य मुख्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय को भी अवगत कराएं।

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