कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर गोरखपुर प्रशासन का अलर्ट, पढ़ें पूरी खबर…

कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर गोरखपुर जिले में प्रशासन अलर्ट हो गया है। सीमा क्षेत्र से जिले में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी तेज हो गई है। सोनौली सीमा पर जांच के लिए स्वास्थ्य टीम लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग कोविड हॉस्पिटल को अपडेट करने में जुटा हुआ है।

गांव की निगरानी समिति को सक्रिय कर दिया गया है। कोविड के रूप में चिन्हित अस्पतालों के साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक-एक बेड सुरक्षित किया गया है। सभी चिकित्सालय में स्थापित उपकरण, ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता, ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेट की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता की जांच कराई जा रही है।

अभी तक नहीं मिले कोरोना संक्रमित

जिला महिला अस्पताल और सीएचसी पर नियमित कोरोना जांच की सुविधाओं में तेजी ला दी गई है। हालांकि अभी तक जिले में कोई कोरोना संक्रमित नहीं मिला है।

सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था

  • जिला संयुक्त चिकित्सालय 550 लीटर प्रति मिनट एलथ्री
  • चिकित्सा इकाई एमसीएच विंग 330 लीटर प्रति मिनट एलथ्री
  • चिकित्सा इकाई एमसीएच विंग 250 लीटर प्रति मिनट
  • सीएचसी परतावल 250 लीटर प्रति मिनट
  • सीएचसी फरेंदा 250 लीटर प्रति मिनट
  • सीएचसी घुघली 300 लीटर प्रति मिनट
  • सीएचसी गोपाला 250 लीटर प्रति मिनट

अस्पताल             –             बेड

एमसीएच विंग        –             60

सीएचसी घुघली      –             30

सीएचसी गोपाला     –             30

सीएचसी नौतनवा     –            40

सीएचसी परतावल    –           50

सीएचसी बनकटी      –           30

(सीएचसी परतावल और फरेंदा को भी आवश्यकतानुसार कोविड हास्पिटल के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है।)

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कही ये बात

जिला अस्पताल में सतर्कता बढ़ा दी गई है। खांसी, सर्दी, बुखार के रोगियों तथा चिकित्सकों को स्वास्थ्य के दृष्टिगत शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क लगाने का सुझाव दिया गया है। महिला अस्पताल में कोविड की लगातार जांच होती है। अभी तक कोई संक्रमित नहीं मिला है। ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह से क्रियाशील है। डा. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

मॉक ड्रिल करके तैयारियों को परखा

सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक-एक बेड सुरक्षित किया गया है। कोविड अस्पतालों का मॉक ड्रिल कर तैयारियों को परखा गया है। सतर्कता और सावधानी बरतने के साथ प्रत्येक चिकित्सालय पर कोविड हेल्प डेस्क को क्रियाशील रहने का निर्देश दिया गया है। डा. नीना वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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