मंगल और आदित्य योग में इस दिन को मनेगी भौमवती अमावस्या

अगहन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 12 दिसंबर को मंगलवार के दिन मंगल आदित्य योग में आ रही है। ज्योतिषियों के अनुसार मंगलवार के दिन अमावस्या होने से यह भौमवती अमावस्या कहलाएगी। इस दिन ग्रह गोचर में सूर्य, मंगल व चंद्रमा वृश्चिक राशि में परिभ्रमण करेंगे, इससे मंगल आदित्य नामक योग का निर्माण होगा।

इस योग में किए गए धार्मिक कार्य व दान पुण्य शुभफल प्रदान करने वाले माने गए हैं। मध्य रात्रि की देवी साधना विशेष लाभ प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार ग्रह गोचर की गणना से देखें तो वर्तमान में सूर्य एवं मंगल दोनों ही वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं।

संयोग से अमावस्या के दिन सूर्य, मंगल व चंद्र तीनों का ही वृश्चिक राशि में परिभ्रमण करेंगे। मंगल की विशिष्टता होने से यह कार्यों को सिद्धि प्रदान करने में प्रबल होंगे।

भगवान सूर्य की पूजन भी विशेष लाभकारी

पं. अमर डब्बावाला के अनुसार इस दिन भगवान सूर्य की पूजन भी विशेष लाभ प्रदान करती हैं। वहीं मंगल ग्रह दुर्गा देवी की साधना से अनुकूल होता है। हनुमान जी की साधना भी लाभकारी रहती है।

इस दृष्टि से इस योग में इनकी संयुक्त साधना करने से अनुकूलता मिलती है। तीर्थपुरी अवंतिका में स्थित भगवान मंगलनाथ व अंगारेश्वर के दर्शन व पूजन से भी अनुकूलता प्राप्त होती है।

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