मुरैना में इंटर-स्टेट ATM चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 150 कार्ड और 7 लाख नकदी के साथ तीन गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सिटी कोतवाली थाना पुलिस को आज सुबह एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के तीन सदस्यों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 150 एटीएम कार्ड व पीओएस मशीन के साथ करीब साढ़े सात लाख नगदी बरामद की है। ये ठग गिरोह सफाई से एटीएम कार्ड बदलकर पीओएस मशीन के जरिये बैंक खाते से एक ही बार मे बड़ी धनराशि निकाल लेते थे। पुलिस ने पकड़े गए ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया है। 

जानकारी के अनुसार विगत कुछ दिन पहले कोतवाली पुलिस थाने में एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एटीएम से कैश निकालते समय अज्ञात लोगों ने बड़ी सफाई से उसका एटीएम कार्ड बदल लिया है। यही नहीं इस एटीएम कार्ड की मदद से अज्ञात लोगों ने उसके खाते से रुपये भी निकाल लिए हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठग गिरोह की पड़ताल शुरू कर दी थी। पुलिस ने टेक्निकल तरीके से पड़ताल शुरू की तो, पता चला कि अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते है।इसके बाद पुलिस ने कुछ बदमाशों को चिन्हित कर उनको पकड़ने के लिए अपने मुखविर तंत्र को सक्रिय कर दिया। 

आज सुबह मुखबिर के जरिये सूचना मिली थी कि ठग गिरोह के लोग चार पहिया वाहन में सवार होकर ग्वालियर की तरफ निकलने वाले हैं।इसी सूचना पर पुलिस ने छौंदा टोल प्लाजा के पास दबिश देकर ठग गिरोह के 3 सदस्यों को दवोच लिया। पुलिस उनको पकड़कर थाने लाई। यहां पर पूछताछ करने पर  उन्होंने अपने नाम धर्मेंद्र सास, अशोक सास निवासी हरियाणा तथा धर्मेंद्र ठाकुर निवासी दिल्ली बताए। कार की तलाशी लेने पर 150 एटीएम  कार्ड, पीओएस मशीन तथा 7 लाख 30 हजार नगदी बरामद हुई। पुलिस के अनुसार ठगों ने दतिया, सागर, नरसिंह पुर, मंडला का अलावा छत्तीसगढ़ यूपी व राजस्थान में भी इस तरह की बारदातो को अंजाम दिया है।

पुलिस ने पकड़े गए ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर हवालात में बंद कर दिया। पुलिस उनके अन्य साथियों की तलाश करने में जुट गई है। एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि, कोतवाली पुलिस ने आज अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के 3 सदस्यों को पकड़ा गई। उनके कब्जे से एटीएम कार्ड, पीओएस मशीन व साढ़े सात लाख नगदी बरामद हुई है। ये लोग बड़ी सफाई से एटीएम कार्ड बदल लेते थे।  चूंकि एटीएम से पैसे निकालने के लिए लिमिट निर्धारित होती है। इसलिए ये लोग पीओएस मशीन के जरिये वक ही बार मे बड़ी राशि निकाल लेते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker