पुंछ से पहले भी कायरता दिखा चुके हैं आतंकी

आज जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन के दौरान एक जेसीओ समेत 5 सैनिक शहीद हो गए।

सूत्रों के मुताबिक सैनिकों की यह शहादत उस वक्त हुई, जब एक टुकड़ी आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन कर रही थी।

इसी दौरान आतंकवादियों ने कायरता दिखाते हुए घात लगाकर सैनिकों की टुकड़ी पर हमला कर दिया, जिसमें एक जेसीओ समेत 5 सैनिक शहीद हो गए।

यह पहली बार नहीं है जब आतंकियों ने अपनी कायरता दिखाते हुए घात लगाकर भारतीय सैनिकों पर हमला किया हो।

पहले भी कई दफे आतंकियों ने इस तरह कायरता दिखाई है। हालांकि बाद में उन्हें इसका जवाब अपनी जान से देना पड़ा।

14 मई 2002 को कालूचक सैन्य स्टेशन पर पाकिस्तान के तीन सशस्त्र आतंकवादियों ने सेना पर घात लगाकर हमला किया था।

तीनों ने पहले जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर हिमाचल सड़क परिवहन निगम की एक बस पर हमला किया। फिर स्टेशन पर हमला करने से पहले सात यात्रियों को मार डाला। इस घटना में 10 बच्चों और सेना के पांच जवानों सहित 23 लोगों की जान चली गई थी।

30 नवंबर 2016 को आतंकियों ने एक और कायरना दुस्साहस किया। पुलिस के वेश में नगरोट स्थित सैन्य शिविर में धावा बोल दिया। इस हमले में दो मेजर समेत कुल सात जवान शहीद हुए थे। 

10 फरवरी 2018 को सुबह के वक्त जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने सुंजवान ब्रिगेड पर अचानक हमला किया और इस हमले में छह सैनिक शहीद हो गए थे। इस हमले में एक नागरिक की भी मौत हो गई थी।

 इसके अलावा 20 अन्य घायल हुए थे, जिनमें 14 सैनिक शामिल थे। जैश के तीन हमलावरों के साथ दिन भर ऑपरेशन चला। देर शाम तक सेना ने तीनों को मार गिराया। 

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