जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल का राजनीति से संन्यास

दिल्ली: एक राजनेता सेवानिवृत्त होना दुर्लभ है और उससे भी ज्यादा दुर्लभ यह है की, एक राजनेता जीत की संभावना होते हुआ भी आगामी चुनाव लड़ने से मना कर दे। ये दोनों दुर्लभ घटनाएं जर्मनी में घट रही हैं जहां जर्मनी की पहली महिला चांसलर, एंजेला मर्केल ने आगामी चुनाव नहीं लड़ने और 2005-2021 तक की लगभग 16 वर्षों के विशाल कार्यकाल की सेवा के बाद स्वेच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया है।

मर्केल को एक चतुर राजनेता के रूप में जाना जाता है। उनके 26 सितंबर 2021 को कार्यालय से सेवानिवृत्त होने की घोषणा के बाद देश में हड़कंप मच गया है। हाल के घरेलू चुनावी झटकों ने उनकी पार्टी को चोट पहुंचाई और गठबंधन व सरकारी पदों पर बने रहने के लिए मर्केल के विश्वास को हिला दिया है। 2013 से प्रतिद्वंद्वी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी पार्टी के उदय ने भी मर्केल को यह कड़ा फैसला लेने और एक नया अध्याय शुरू करने के लिए मजबूर किया है।

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