शपथ से पहले मंदिर पहुंचे हिमंत बिस्वा सरमा, कामाख्या मंदिर में टेका माथा
नयी दिल्ली: रविवार को नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्वा सरमा सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल के नेता चुन लिए गए। इसके बाद वे असम की अगली एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। सरमा असम के 15 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। साथ ही 13 अन्य मंत्रियों को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। सरमा और अन्य मंत्री आज 11:30 बजे श्रीमंत शंकरदेवा कलाक्षेत्र में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शपथ लेंगे। इससे पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने आज डोल गोबिंदा मंदिर और कामाख्या मंदिर का दौरा किया।
गौरतलब है कि असम के नए मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इसके गठबंधन सहयोगी असोम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के मंत्री होंगे। बता दें कि विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने ही हिमंत का नाम आगे बढ़ाया था। असम के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हिमंत बिस्वा सरमा पूर्व कांग्रेसी रहे हैं और असम तीसरा राज्य होगा, जहां वर्तमान समय में सरकार तो बीजेपी की है, लेकिन उनके मुख्यमंत्री वो है जो कभी कांग्रेस के रहे हैं। असम के अलावा, अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू और मणिपुर में एन बीरेन सिंह भी कांग्रेस में रह चुके हैं और कुछ सालों पहले ही उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह साल 2016 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पहले वे कांग्रेस के सदस्य थे।