उग्रवादियों पर पुलिस का छापा

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी के चार उग्रवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार उग्रवादियों में टंडवा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने जगरनाथ उर्फ आजाद और दिलीप उर्फ चट्टान शामिल हैं। नक्सलियों के पास से दो सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), दो पिस्टल और करीब 200 कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

एएसपी अभियान निगम प्रसाद के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने टंडवा थाना क्षेत्र के गोंदा पहाड़ी और कुंदा थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चारों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार टीपीसी नक्सली जगरनाथ कुंदा थाना क्षेत्र के गेंदरा गांव का निवासी है। चट्टान टंडवा थाना क्षेत्र के उतराठी गांव, अशोक गंझू हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडु गांव जबकि पांडु गंझु चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के गोदगोदिया गांव का रहनेवाला है।

पुलिस ने उग्रवादियों के पास से दो एसएलआर, एसएलआर के 178 कारतूस, दो पिस्टल, 27 थ्री फिफ्टीन की गोली, छह हजार रूपये नगद सहित कई अन्य सामान बरामद किए हैं।

एसपी ऋषभ झा ने बताया कि टंडवा में इन उग्रवादियों ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। वारदात के बाद टीम गठित कर उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि 15-20 नक्सली गोंदा पहाड़ी पर किसी घटना को अंजाम देने के लिये इकठ्ठा हुए हैं। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दल ने वहां छापेमारी की। सुरक्षाबलों को देखकर नक्सली पुलिस को देखकर भागने लगे। इसके बाद उन्हें खदेड़कर पकड़ा गया।

टीपीसी उग्रवादी संगठन के पांच लाख रुपए के इनामी सबजोनल कमांडर नागेश्वर गंझू उर्फ तरुणजी ने शुक्रवार को एसपी ऋषभ झा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वह जिले के उग्रवाद प्रभावित कुंदा थाना क्षेत्र के बैरियाचक गांव का रहने वाला है।

उस पर चतरा में आधा दर्जन उग्रवादी मामले दर्ज हैं। नागेश्वर वर्ष 2011 से ही चतरा, पलामू और बिहार के शेरघाटी और डोभी के उत्तरी भाग में सक्रिय था।

Back to top button