PM मोदी 750 MW के सोलर प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन, कहा- सुरक्षित विश्व की नींव रीवा में

मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 750 MW के सोलर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया जो एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व कई केंद्रीय मंत्री भी इस इवेंट में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के सामर्थ्य पर विश्वास जताया और कहा कि यह विश्व की सुरक्षा का नींव है जो रीवा में रखा गया है क्योंकि पर्यावरण की स्वच्छता में इसका अहम योगदान होगा। इसके अलावा उन्होंने कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए नियमों का पालन करने की भी सलाह दी और कहा, ‘आपका जीवन न केवल आपके परिवार के लिए बल्कि देश के लिए महत्वपूर्ण है।’

रीवा से जुड़ा एशिया के सबसे बड़े पावर प्रोजेक्ट का नाम

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज रीवा ने इतिहास रच दिया। रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से और सफेद बाघ से रही और अब इसमें एशिया का सबसे बड़े पावर प्रोजेक्ट का नाम जुड़ गया। ऊपर से देखने से लगता है कि खेतों में सोलर पैनल मौजूद हैं। इसके लिए मैं मध्य प्रदेश और रीवा के लोगों को बधाई देता हूं शुभकामनाएं देता हूं। इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगाप्रधानमंत्री ने गुरुवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी।’

गरीबों के मुफ्त राशन व EPF में सरकार के योगदान का किया जिक्र 

प्रधानमंत्री ने कहा, अब गरीब परिवारों को नवंबर तक मुफ्त राशन मिलता रहेगा। इतना ही नहीं, निजी क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों के EPF खाते में भी सरकार पूरा अंशदान दे रही है। इसी तरह, पीएम-स्वनिधि योजना के माध्यम से उन साथियों की सुध ली गई, जिनकी सिस्टम तक सबसे कम पहुंच होती है।’ उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता सही मायने में तभी संभव है जब हमारे भीतर आत्मविश्वास हो। आत्मविश्वास तभी आता है, जब पूरा देश, पूरा सिस्टम, हम सभी मिलकर आत्मनिर्भरता की ओर चल पड़े। कोरोना से पैदा हुई स्थिति के बीच भारत यही काम कर रहा है। सरकार यही आत्मविश्वास जुटा रही है। प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित कर कहा,  आज जब आप मध्य प्रदेश को, पूरे देश को आगे बढ़ाने के लिए घर से बाहर निकल रहे हैं, तो अपनी एक और जिम्मेदारी भी हमेशा याद रखिए। दो गज की दूरी, चेहरे पर मास्क और हाथ को 20 सेकेंड तक साबुन से धुलना, इन नियमों का हमें हमेशा पालन करना है। ‘

मध्य प्रदेश बन जाएगा बिजली का हब

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो मध्य प्रदेश निश्चित रूप से सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का हब बन जाएगा। इसका सबसे अधिक लाभ मध्य प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों, किसानों, आदिवासियों को होगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस दशक में रीवा का यह सोलर प्लांट इसे ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा। इस सोलर प्लांट से मध्य प्रदेश के लोगों को, यहां के उद्योगों को तो बिजली मिलेगी ही, दिल्ली में मेट्रो रेल तक को इसका लाभ मिलेगा।’

बिजली के बटन पर दे दिया है कंट्रोल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘सोलर पावर की ताकत को हम तब तक पूरी तरह से उपयोग नहीं कर पाएंगे, जब तक हमारे पास देश में ही बेहतर सोलर पैनल, बेहतर बैटरी, उत्तम क्वालिटी की स्टोरेज कैपेसिटी का निर्माण न हो। अब इसी दिशा में तेजी से काम चल रहा है। सौर ऊर्जा ने आम ग्राहक को उत्पादक भी बना दिया है, पूरी तरह से बिजली के बटन पर कंट्रोल दे दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘ बिजली पैदा करने वाले माध्यमों में सामान्य जन की भागीदारी न के बराबर रहती है, लेकिन सौर ऊर्जा में सामान्य जन की आवश्यकता की बिजली पैदा हो सकती है।’

सौर ऊर्जा है Sure, Pure और Secure 

उन्होंने कहा, ‘सौर ऊर्जा श्योर है,  प्योर है और  सिक्योर है। श्योर इसलिए क्योंकि  सूर्य सदा सर्वदा चमकता रहेगा, प्योर इसलिए क्योंकि  पर्यावरण को प्रदूषित करने के बजाए सुरक्षित करेगा सिक्योर इसलिए क्योंकि इसलिए क्योंकि ये हमारी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करता है।’

ट्वीट में उन्होंने कहा, मैं कल (10 जुलाई) को सुबह 11 बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश के रीवा में बने 750 मेगावाट की सौर परियोजना का उद्घाटन करूंगा। यह परियोजना 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को गति प्रदान करती है ।

दिल्ली मेट्रो को करेगी बिजली आपूर्ति

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया कि इस प्रोजेक्ट में एक सौर पार्क के अंदर स्थित 500 हेक्टेयर जमीन पर 250-250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयां शामिल हैं और यह प्रोजेक्ट हर साल करीब 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।’  बता दें कि यह प्रोजेक्ट राज्य के बाहर एक संस्थागत ग्राहक को आपूर्ति करने वाली पहली अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट है। यह दिल्ली मेट्रो को अपने कुल उत्पादन का 24 फीसद बिजली देगी जबकि शेष 76 फीसद मध्य प्रदेश के राज्य बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को देगी।

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