दिल्ली: आईजीआई के तीनों टर्मिनल में लगाए जाएंगे ब्रेल संकेतक

ब्रेल संकेतकों की सुविधा तीनों टर्मिनल में उपलब्ध कराई जाएगी। इसका लाभ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को मिलेगा। संकेतकों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा, जहां रास्ता बदलने, किसी सुविधा को तलाशने या महत्वपूर्ण स्थान तक पहुंचने के लिए दिशा की जरूरत होती है।
आईजीआई एयरपोर्ट पर दिव्यांग यात्रियों की सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा। एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनल में ब्रेल लिपि वाले विशेष संकेतक लगाए जाएंगे। इससे दृष्टिबाधित यात्रियों को एयरपोर्ट के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में आसानी होगी। इसे लेकर निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आईजीआई पर रोजाना औसतन 2.2 लाख से 2.5 लाख लोग आवाजाही करते हैं। इनमें बुजुर्ग, बच्चे और दिव्यांग यात्री भी शामिल होते हैं। सामान्य संकेतकों से रास्ते की जानकारी लेना आसान है, लेकिन दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए यह चुनौती अधिक होती है। इसी को देखते हुए जरूरी सुविधाओं और स्थानों की पहचान आसान बनाने के लिए ब्रेल संकेतक लगाए जाएंगे।
परियोजना के तहत संकेतकों पर जरूरी जानकारी उभरे हुए अक्षरों और चिह्नों के माध्यम से दी जाएगी। दृष्टिबाधित यात्री इन्हें अंगुलियों से छूकर पढ़ सकेंगे। प्रवेश और निकास द्वार, लिफ्ट, शौचालय, सहायता केंद्र समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने की दिशा बताने में इन संकेतकों की मदद मिलेगी। चेक-इन, सुरक्षा जांच, बोर्डिंग गेट और बैगेज क्लेम जैसे स्थानों की पहचान भी आसान होगी।
तीनों टर्मिनल में होगी एक जैसी सुविधा
ब्रेल संकेतकों की सुविधा तीनों टर्मिनल में उपलब्ध कराई जाएगी। इसका लाभ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को मिलेगा। संकेतकों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा, जहां रास्ता बदलने, किसी सुविधा को तलाशने या महत्वपूर्ण स्थान तक पहुंचने के लिए दिशा की जरूरत होती है। इससे यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी।
डिजिटल स्टैंडियों की भी होगी देखभाल
दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के साथ सूचना उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था को भी बेहतर करने की तैयारी है। टर्मिनलों में लगे डिजिटल स्टैंडियों के व्यापक वार्षिक रखरखाव की योजना बनाई गई है। इनके माध्यम से यात्रियों को विभिन्न जानकारियां और जरूरी संदेश दिए जाते हैं। नियमित रखरखाव से सूचना देने वाली स्क्रीन सुचारु रूप से काम करती रहेंगी।
वहीं, तीनों टर्मिनल के लिए लैकर ग्लास (सजावटी कांच) की आपूर्ति की जाएगी। इसका इस्तेमाल भवनों के अंदरूनी हिस्सों को बेहतर रूप देने में किया जाता है। एयरपोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में दीवारों, विभाजन वाले स्थानों और अन्य जरूरतों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इससे परिसर के विभिन्न हिस्सों में एक समान स्वरूप बनाए रखने में मदद मिलेगी।





