केदारनाथ धाम: मंदिर के चारों ओर सात फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की तैयारी

चारधाम यात्रा शुरू होते ही केदारनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। प्रतिदिन औसतन 30 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो निर्धारित आदर्श क्षमता से लगभग दोगुना है। ऐसे में अब बीकेटीसी मंदिर के चारों ओर सात फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की तैयारी कर रही है।
बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने केदारनाथ मंदिर परिसर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। समिति मंदिर के चारों ओर करीब 7 फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की योजना बना रही है, जिससे अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों और रील बनाने वालों पर नियंत्रण किया जा सके।
समिति की ओर से इस संबंध में गढ़वाल आयुक्त को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव में मंदिर परिसर की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और धार्मिक गरिमा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया गया है। बीकेटीसी का कहना है कि जैसे ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, बैरिकेडिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्तावित बैरिकेड्स के जरिए मंदिर के मुख्य परिसर को व्यवस्थित तरीके से सीमित किया जाएगा, ताकि केवल दर्शन के उद्देश्य से आने वाले श्रद्धालु ही निर्धारित मार्ग से प्रवेश कर सकें। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
सख्ती के बावजूद रील बनाने की कोशिश कर रहे लोग
केदारनाथ मंदिर परिसर में प्रशासन और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की सख्ती का असर अब नजर आने लगा है। रील बनाने वाले लोगों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है और मंदिर परिसर में वीडियो/रील बनाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर चोरी-छिपे रील बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
क्षमता से दोगुनी भीड़ : व्यवस्थाएं बनाए रखना बड़ी चुनौती
जानकारों के अनुसार, केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन करीब 15 हजार श्रद्धालुओं का आंकड़ा ही व्यवस्थाओं के लिहाज से उपयुक्त माना जाता है। ऐसे में प्रशासन और मंदिर समिति के सामने व्यवस्थाएं बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। भीड़ बढ़ने के कारण दर्शन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। आवास और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
मंदिर परिसर के चारों ओर बैरिकेड्स लगाने के लिए प्रस्ताव गढ़वाल आयुक्त कार्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे मंदिर परिसर में अनावश्यक रूप से घूमने वाले लोगों और रील बनाने वालों पर नियंत्रण में सहयोग मिलेगा। – राजन नैथानी, मुख्य प्रभारी अधिकारी केदारनाथ





