कचहरी वाली मस्जिद में कुरान मुकम्मल, हाफिज मुस्लिम रजा का फूलमालाओं से सम्मान

पनवाड़ी (महोबा): माहे रमजान की रूहानी फिजा में पनवाड़ी कस्बे की कचहरी वाली मस्जिद में 11 रमजान शरीफ की रात कुरान पाक मुकम्मल किया गया। चांद रात से शुरू हुई तरावीह देर रात मुकम्मल हुई, जिससे नमाजियों और अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मध्य प्रदेश के सागर से तशरीफ लाए हाफिज मुस्लिम रजा ने पूरे रमजान में तरावीह के दौरान कुरान पाक सुनाया और 11 रमजान को कुरान मुकम्मल किया। तरावीह पूर्ण होने के बाद मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने हाफिज साहब को फूल-मालाएं पहनाकर गले मिलकर मुबारकबाद दी तथा तुहफे और नजराना पेश कर उनका सम्मान किया।
इस अवसर पर हाफिज मुस्लिम रजा ने तरावीह के बाद मगफिरत और जहन्नुम से निजात की दुआ कराई। उन्होंने अपने बयान में कहा कि तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनना हमारे नबी का सदका है, जिसकी बदौलत हमें यह सौभाग्य मिलता है। उन्होंने बताया कि माहे रमजान में एक नेकी का सवाब सत्तर गुना मिलता है, इसलिए इस पवित्र महीने में अधिक से अधिक इबादत करनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हाफिज साहब ने नात-ए-शरीफ भी पेश की। इसके बाद मुल्क में अमन, चैन और सलामती के लिए सामूहिक दुआएं मांगी गईं।
मौके पर मस्जिद कमेटी के सदस्य पप्पू खान, इरफान, साहिल हाशमी, रेहान, फिरोज खान, बाबू कुरैशी, रानू खान, सानू खान सहित सैकड़ों अकीदतमंद मौजूद रहे। अंत में सभी उपस्थित लोगों के बीच तबर्रुकात का वितरण किया गया।
यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देता नजर आया।





