अल फलाह यूनिवर्सिटी मामले में चार्जशीट की तैयारी

अल फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल और दिल्ली बम धमाके के मामले में एनआईए जल्द ही चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसी यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत कई लोगों, जिनमें डॉक्टर समेत अन्य स्टॉफ शामिल है, उन्हें गवाह बना सकती है। इसके साथ ही धौज और फतेहपुर तगा गांव समेत इलाके के आस-पास के रहने वाले लोगों को भी गवाह बनाया जाएगा। इसके साथ ही केस की जांच के दौरान एजेंसी की फरीदाबाद में मदद करने वाले अपराध शाखा के पुलिसकर्मियों को भी गवाह बनाने की कार्रवाई चल रही है।

जांच एजेंसी के सूत्रों की मानें तो अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत ये सभी वो लोग हैं जो किसी न किसी तरीके से व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े लोगों के संपर्क में रहे हैं। इनमें ऐसे भी कई लोग शामिल हैं जिन्हें हिरासत में लेकर जांच एजेंसी ने पूछताछ की। जांच के दौरान इन लोगों का कोई अपराध तो सामने नहीं आया है लेकिन आरोपियों व संदिग्ध आतंकियों के बारे में इन्हें काफी जानकारी है। इसी के चलते इन्हें गवाह बनाया जा रहा है। इसी तरह संदिग्ध आतंकियों के संपर्क में आए लोगों को भी गवाह बनाया जा रहा है। ये वे लोग हैं जिन्होंने अंजाने में आरोपियों की किसी न किसी तरीके से मदद की थी।

ऐसे सामने आया था टेरर मॉड्यूल
जम्मू एंड कश्मीर में 19 अक्तूबर 2025 को कुछ जगहों पर जैश-ए-मोहम्मद की ओर से चस्पा किए गए पोस्टरों के बाद वहां की पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। उसी केस में डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब को फरीदाबाद आकर गिरफ्तार किया गया। 30 अक्तूबर को ही मुसैब को फरीदाबाद जेएमआईसी नवीन कुमार की अदालत में पेश कर 3 दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लेकर जम्मू एंड कश्मीर पुलिस ले गई।

वहां इससे हुई पूछताछ के बाद 8 नवंबर की रात को जम्मू एंड कश्मीर पुलिस वापस फरीदाबाद आई और यूनिवर्सिटी परिसर में पूछताछ व छापेमारी की। इसके बाद 9 नवंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से महज 500 मीटर दूर बने मकान के एक कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट व अन्य विस्फोटक सामान और हथियार जब्त किए।

जम्मू एंड कश्मीर में संदिग्ध आतंकी मुसैब से एक टीम पूछताछ कर फरीदाबाद में मौजूद दूसरी टीम को हिदायत देती रही। 10 नवंबर को धौज से 4 किलोमीटर दूर फतेहपुर तगा गांव के एक मकान के कमरे से 2550 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है। ये दोनों ही मकान मुसैब ने किराये पर लिए थे। 10 नवंबर की शाम को ही दिल्ली में लाल किले के पास अल फलाह यूनिवसिर्टी में कार्यरत डॉ. उमर ने कार में धमाका किया था। इसके बाद से व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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