बरेली में सपा की जिला कार्यकारिणी भंग, अखिलेश यादव के निर्देश पर हुई कार्रवाई

बरेली में सपा नेताओं की गुटबाजी और आपसी तनातनी भारी पड़ गई। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई है।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने बरेली की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है। कार्रवाई का यह निर्णय सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया गया है। कार्रवाई की वजह गुटबाजी, अंतर्कलह और आपसी खींचतान बताई जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में कार्यकारिणी भंग किए जाने की बात कही गई है। पत्र जारी होते ही जिले में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि काफी समय से संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंच रही शिकायतों की समीक्षा और फीडबैक के बाद कार्रवाई की गई है। जिला और महानगर कार्यकारिणी के बीच खींचतान अहम मानी जा रही है।

रविवार को एसआईआर जिला प्रभारी शशांक यादव के समक्ष भोजीपुरा विधायक और मीरगंज के पूर्व विधायक के बीच तनातनी भी हो गई थी। हालांकि, जिलाध्यक्ष ने बीच-बचाव किया था। चर्चा है कि भोजन के बाद महानगर अध्यक्ष ने एसआईआर प्रभारी से व्यक्तिगत वार्ता की थी। महज 24 घंटे के भीतर कार्यकारिणी भंग होने का पत्र जारी होने के बाद संगठनात्मक वर्चस्व का श्रेय लेने की होड़ चल रही है।

मामले जो माने जा रहे कार्रवाई की वजह
बीते दिनों आईएमए भवन में बीएलए की बैठक में महानगर कार्यकारिणी की ओर से बैनर पर जिलाध्यक्ष का फोटो नहीं छापने और आमंत्रित नहीं करने के बाद खींचतान शुरू हुई। एक पदाधिकारी के बैनर पर जिला और महानगर अध्यक्ष के फोटो लगाए था, पर उसे हटवा दिया था। फिर कर्मचारी नगर स्थित एक रिसॉर्ट में आयोजित समारोह में जिलाध्यक्ष की ओर से महानगर अध्यक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी की भी चर्चा है। महानगर अध्यक्ष का पार्टी कार्यालय में प्रवेश रोकने के लिए ताला लगाने की भी बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि अब कार्यक्रमों में एक की मौजूदगी पर दूसरा वहां नहीं जा रहा। इससे पार्टी की छवि भी प्रभावित हो रही है।

पदाधिकारी बोले- कोई कलह नहीं, शीर्ष नेतृत्व का फैसला स्वीकार
सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि पार्टी की ओर से जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे ईमानदारी से निभाएंगे। जिला और महानगर कार्यकारिणी में अंतर्कलह और खींचतान की चर्चाएं आधारहीन हैं।

सपा के राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि आगामी चुनाव को लेकर संगठन में फेरबदल हो सकता है। जो भी होगा, वह पार्टी के हित में ही होगा। मुझे भी हाल ही में नई जिम्मेदारी दी गई तो उसे मैंने स्वीकार किया। शीर्ष नेतृत्व का फैसला सभी को मानना चाहिए।

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