सभी सरकारी इमारतों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का होगा फायर ऑडिट, दिल्ली सरकार ने दिए आदेश!

दिल्ली सरकार ने बुधवार को आदेश जारी कर सभी सरकारी इमारतों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का फायर ऑडिट कराने को कहा है। यह कदम दिल्ली अग्निशमन सेवा की ओर से जारी सलाह के बाद उठाया गया है।
राजधानी में गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैैं। इमारतों में आग लगने के 70 फीसदी मामले ऐसे होते हैं जिनमें तारों या उपकरणों में शाॅर्ट सर्किट आदि के कारण हादसे होते हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने बुधवार को आदेश जारी कर सभी सरकारी इमारतों, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का फायर ऑडिट कराने को कहा है। यह कदम दिल्ली अग्निशमन सेवा की ओर से जारी सलाह के बाद उठाया गया है। इस ऑडिट को 15 अप्रैल तक पूरा किया जाएगा।
ऑडिट में मॉकड्रिल कर आग लगने की स्थिति में राहत व बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली लाएगी। साथ ही, इमारतों में आग लगने के दौरान भागने के वैकल्पिक निकास द्वारों की स्थिति का पता लगाया जाएगा। अग्निशमन उपकरणों और इलेक्ट्रिक उपकरणों में खामियों को भी देखा जाएगा।
इस मामले में लाेक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियर-इन-चीफ की ओर से जारी एक पत्र के कहा गया है कि ऑडिट सभी सरकारी भवनों, विशेष रूप से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों की जांच के लिए किया जाएगा। इसमें अग्नि रोकथाम उपायों, अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकासी योजनाओं और कर्मचारियों को दी गई अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण की समीक्षा शामिल होगी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा ने 19 व 22 मार्च को जारी परामर्श पत्रों में कहा है कि 70 फीसदी आग की घटनाएं खराब तारों और उपकरणों के कारण होती हैं। इससे सभी सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों (एमसीडी, एनडीएमसी, और कैंटोनमेंट बोर्ड) से बिजली कार्यों के ऑडिट की भी मांग की गई है। विशेष रूप से अस्पतालों में अग्नि पहचान प्रणाली, विद्युत पैनल, निकासी मार्ग और स्टैंडबाय बिजली आपूर्ति की जांच पर जोर दिया गया है।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य सचिव ए. अंबारसु ने भी एक पत्र जारी कर कहा कि ऑडिट अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने और खतरों को पहचानने के लिए जरूरी है। सभी संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि वे 15 अप्रैल तक ऑडिट कार्य पूरा करेंगे। इसकी रिपोर्ट दिल्ली अग्निशमन सेवा और पीडब्ल्यूडी सचिवालय को सौंपी जाएगी।
ऑडिट टीम का गठन
पीडब्ल्यूडी इमारतों और अस्पतालों में फायर ऑडिट करने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित करनी होगी। इसमें फायर सेफ्टी प्रोफेशनल और इंजीनियरों को शामिल किया जाएगा। यह टीम ऑडिट प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करेगी। साथ ही, एक ऑडिट चेकलिस्ट तैयार की जाएगी, जिसमें अग्नि सुरक्षा के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। चेकलिस्ट यह सुनिश्चित करेगी कि ऑडिट के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण बिंदु छूट न जाए। इसमें अग्नि रोकथाम उपाय, पहचान प्रणाली, निकासी योजनाएं और प्रशिक्षण जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलू शामिल किए जाएंगे।
इन पहलुओं की होगी जांच
अग्नि रोकथाम उपाय : फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम व अग्निशमन यंत्रों की मौजूदगी और कार्यक्षमता की जांच
अलार्म सिस्टम : यह सुनिश्चित करना कि सिस्टम ठीक काम कर रहे हैं और नियमित रखरखाव किया जा रहा है
आपातकालीन निकास : क्या निकासी योजनाएं हैं। नियमित अभ्यास व संबंधित लोगों को जानकारी है या नहीं
अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण : यह सत्यापित करना कि कर्मचारियों को पर्याप्त अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है या नहीं