छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भीषण मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने 8 लाख के इनामी नक्सली को किया ढेर

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में एक आठ लाख रुपये का इनामी नक्सली मारा गया है। नक्सली लगभग तीन दशकों से प्रतिबंधित माओवादी संगठन में सक्रिय था।

यह मुठभेड़ दंतेवाड़ा-सुकमा जिले की सीमा पर गोंडपल्ली, पारलगट्टा और बड़ेपल्ली गांवों के बीच एक जंगली पहाड़ी पर हुई। यह मुठभेड़ तब हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।

सूचना के आधार पर शुरू किया गया ऑपरेशन

दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इंटर-डिस्ट्रिक्ट बॉर्डर पर नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर ऑपरेशन शुरू किया गया था। उन्होंने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद घटनास्थल से एक नक्सली का शव बरामद किया गया। नक्सली की पहचान चंद्रन्ना उर्फ सत्यम के रूप में हुई है। इसके साथ ही उसके पास से एक देशी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और अन्य माओवादी-संबंधित सामग्री भी बरामद की गई है।

30 सालों से ज्यादा समय से संगठन में सक्रिय था

उन्होंने बताया कि लगभग 50 वर्षीय चंद्रन्ना सुकमा के गोलापल्ली क्षेत्र के रहने वाला था। वह 30 सालों से ज्यादा समय प्रतिबंधित संगठन में सक्रिय था। चंद्रन्ना नक्सली हिंसा के कई मामलों में शामिल था।

नक्सली के ऊपर आठ लाख रुपये का इनाम था

पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने आगे कहा कि चंद्रन्ना साल 2013 से पहले माओवादी संगठन के माड डिवीजन और हाल ही में दक्षिण बस्तर डिवीजन के जगरगुंडा इलाके में एक डिवीजनल कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय था। उन्होंने बताया कि नक्सली के ऊपर आठ लाख रुपये का इनाम था।

गौरव राय ने बताया कि ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स, राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 231वीं बटालियन के जवान शामिल थे।

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