बेटी होने पर पति ने भरी पंचायत में पत्नी को दे दिया तीन तलाक़, केस दर्ज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में फतेहपुर एक शौहर ने भरी पंचायत अपनी पति को केवल इसलिए तीन तलाक दे दिया, क्योंकि उसने बेटी को जन्म दिया था. इससे पहले वो बीवी और उसके परिवार से पांच लाख रुपये दहेज मांग रहा था. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र की निवासी पीड़िता का निकाह 15 नवंबर 2019 को मलवा थाना क्षेत्र के सूपा गांव निवासी इस्तेखार अहमद खां के साथ हुआ था. इस्तेखार का निकाह से पहले एक लड़की के साथ प्रेम संबंध था. इसकी जानकारी उसने खुद निकाह की पहली रात अपनी बीवी को दी थी.  महिला का आरोप है कि कुछ दिनों तक सब कुछ सही रहने के बाद पति और उसके परिवार वालों द्वारा दहेज में पांच लाख रुपये की मांग की गई और पैसे न देने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. इसकी जानकारी उसने अपने पिता को दी. 

इसके बाद पिता बेटी की ससुराल पहुंचा और उसे अपने साथ मायके ले आया. मायके में रहने के दौरान महिला ने बेटी को जन्म दिया, मगर ससुराल वालों को लड़का चाहिए था. इसको लेकर वह लोग नाराज़ थे और पीड़िता पर लगातार तलाक देने का दबाव डाल रहे थे. इसको लेकर कई दफा पंचायत भी हुई, मगर दहेज में 5 लाख रुपये न देने पर बात नहीं बनी और पति ने पंचायत के दौरान पत्नी को तीन तलाक दे दिया. इसके बाद पीड़िता ने पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई.

इस पर पुलिस ने पीड़िता के शौहर इस्तेखार अहमद खां, उसके ससुर इकरार अहमद, जेठ वकार, सास नसरीन बनो, ननद रोकय्या बानो, नंदोई शाहदीन और शकील व वकील के खिलाफ आईपीसी 498-A,323,504,506,दहेज प्रतिषेध अधिनियम 3, 4, मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 3, 4 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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