174 यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट स्मित मछार के लिए अशोक चक्र की उठी मांग

तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाने वाले पायलट कैप्टन स्मित मछार के अदम्य साहस की सोशल मीडिया पर दुनियाभर के लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। बुधवार को घटी इस घटना के बाद से इंटरनेट पर उनके पराक्रम की चर्चा है।
कैप्टन स्मित के संकट के समय दिखाए गए धैर्य और सूझबूझ को देखते हुए सोशल मीडिया यूजर्स ने भारत सरकार से उन्हें शांति काल के सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग की है। कई लोगों ने लिखा कि जिस तरह उन्होंने इतने यात्रियों की जान बचाई, वह वाकई अविश्वसनीय और असाधारण वीरता की मिसाल है।
कैप्टन स्मित के गृह नगर मुंबई के घाटकोपर और तिलक नगर इलाके के निवासियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर गर्व जताते हुए लिखा कि उन्हें अपने इलाके के बेटे पर गर्व है। उनके स्कूल एमडी भाटिया स्कूल के पूर्व साथियों और पड़ोसियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
पुराना पॉडकास्ट हुआ वायरल
हादसे के बाद कैप्टन स्मित का 2025 का एक पॉडकास्ट भी खूब शेयर किया जा रहा है। इसमें उन्होंने उड़ानों के दौरान चिकित्सा आपातकाल पर चर्चा करते हुए कहा था कि जब हम आसमान में होते हैं और कुछ अनहोनी हो जाए, तो आपको कौन बचाएगा?
आप किस्मत वाले होंगे अगर विमान में कोई डॉक्टर मौजूद हो। इस बयान के वायरल होने पर लोगों ने उड़ानों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है।
कैसी है कैप्टन स्मित की तबीयत?
यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि कैप्टन स्मित की तबीयत अब ठीक है और वे तेजी से रिकवर कर रहे हैं। इस खबर के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
वहीं, कैप्टन की पूर्व एयरलाइन ने भी उनके सम्मान में संदेश जारी किया। एयरलाइन ने उनके अदम्य साहस के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साहसिक फैसले और सूझबूझ ने अनगिनत लोगों की जान बचाई है





